जियो प्लेटफॉर्म्स का चौथी तिमाही में मुनाफा 13 प्रतिशत बढ़कर 7,935 करोड़ रुपये
पाण्डेय
- 24 Apr 2026, 08:48 PM
- Updated: 08:48 PM
(तीसरे पैरा में संशोधन के साथ)
नयी दिल्ली, 24 अप्रैल (भाषा) जियो प्लेटफॉर्म्स का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में शुद्ध लाभ 13 प्रतिशत बढ़कर 7,935 करोड़ रुपये रहा।
कंपनी ने वित्त वर्ष 2024-25 की समान (जनवरी-मार्च) तिमाही में 7,022 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था।
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने शुक्रवार को शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी की परिचालन आय 12.5 प्रतिशत बढ़कर 38,259 करोड़ रुपये हो गई जो वित्त वर्ष 2024-25 की समान तिमाही में 33,986 करोड़ रुपये थी।
रिलायंस जियो को संचालित करने वाली इस कंपनी की प्रति उपयोगकर्ता औसत आय (एआरपीयू) भी बढ़ी है। 2025-26 की चौथी तिमाही में यह 3.8 प्रतिशत बढ़कर 214 रुपये हो गई जो 2024-25 की समान तिमाही में 206.2 रुपये थी।
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो भारत के डिजिटल परिदृश्य को बदलना जारी रखे हुए है।
उन्होंने कहा, ''मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हम जियो प्लेटफॉर्म्स को सूचीबद्ध करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। यह इसकी यात्रा में एक निर्णायक मील का पत्थर साबित होगा क्योंकि यह नई ऊंचाइयों को छूना और भारत के डिजिटल भविष्य में योगदान देना जारी रखे हुए है।''
जियो प्लेटफॉर्म्स ने परिचालन लाभ में सालाना आधार पर 17.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो मार्च 2025 तिमाही के 17,016 करोड़ रुपये से बढ़कर 20,060 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान मार्जिन भी 2.3 प्रतिशत सुधरकर 52.4 प्रतिशत रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में 50.1 प्रतिशत था।
अंबानी ने कहा, ''पूरे वर्ष के परिचालन लाभ में 19 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि गतिशीलता, होम ब्रॉडबैंड और उद्यम सेवाओं में निरंतर मजबूती के कारण रही। जैसा कि हम एआई टूल और अगली पीढ़ी के तकनीकी मंच तक पहुंच को सभी तक पहुंचाने के लिए काम कर रहे हैं, जियो आने वाले वर्षों में भारत के संवाद, गणना और कंटेंट खपत के तरीके को आकार देने के लिए पूरी तरह तैयार है।''
कंपनी ने मार्च तिमाही के दौरान डेटा उपयोग में सालाना आधार पर लगभग 35 प्रतिशत की वृद्धि के साथ औसतन 42.3 जीबी प्रति माह प्रति ग्राहक का आंकड़ा दर्ज किया। कंपनी का ग्राहक आधार सालाना आधार पर 7.4 प्रतिशत बढ़कर 52.44 करोड़ हो गया, जो मार्च 2025 तिमाही में 48.82 करोड़ था।
भाषा पाण्डेय
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