पंजाब भाजपा अध्यक्ष की नियुक्ति: पार्टी ने अमरिंदर के पाला बदलने की अफवाहों को खारिज किया
रंजन
- 05 Jun 2026, 10:05 PM
- Updated: 10:05 PM
चंडीगढ़, पांच जून (भाषा) भारतीय जनता पार्टी की पंजाब इकाई के अध्यक्ष का पद संभालने के लिये आयोजित कार्यक्रम में कैप्टन अमरिंदर सिंह, राघव चड्ढा एवं हरभजन सिंह समेत पार्टी नेताओं के अनुपस्थित रहने के बाद, यह अटकलबाजी शुरू हो गयी है कि ये नेता इसमें शामिल क्यों नहीं हुये ।
वर्ष 2021 में कांग्रेस छोड़ने वाले अमरिंदर सिंह की नाखुशी की चर्चा तब और बढ़ गई जब उन्होंने केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब भाजपा अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनसे इस बारे में सलाह नहीं ली गई थी।
चड्ढा, हरभजन और पंजाब के राज्यसभा के चार अन्य सदस्य हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे।
हालांकि, भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता प्रीतपाल सिंह बलियावाल ने शुक्रवार को उन अफवाहों को खारिज कर दिया कि अमरिंदर सिंह पाला बदलकर कांग्रेस में वापस लौट सकते हैं।
बालियावाल ने जोर देकर कहा, "ये सिर्फ अफवाहें हैं। वह कहीं नहीं जा रहे हैं, वह भाजपा के साथ हैं।"
प्रदेश के दो बार मुख्यमंत्री रह चुके सिंह (84) ने 2027 के विधानसभा चुनावों से कुछ महीने पहले 76 वर्षीय ढिल्लों को पंजाब भाजपा की बागडोर सौंपे जाने पर खुलकर अपनी आपत्ति व्यक्त की है।
उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि केवल उस स्थिति में हैं जो भाजपा उनसे करवाना चाहती है।"
अमरिंदर सिंह की तरह ढिल्लों भी 2022 में भाजपा में शामिल होने से पहले लंबे समय तक कांग्रेस में रहे।
बुधवार को यहां आयोजित पार्टी कार्यक्रम में अमरिंदर सिंह की पत्नी परनीत कौर और बेटी जय इंदर कौर (दोनों भाजपा नेता) उपस्थित थीं।
गौरतलब है कि परनीत और जय इंदर कौर ने ढिल्लों को अपना समर्थन देने का वादा किया है।
इसी तरह, पंजाब से राज्यसभा के छह सदस्यों में से चार (चड्ढा, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता और संदीप पाठक) भी उस कार्यक्रम में उपस्थित नहीं थे जहां ढिल्लों ने पदभार ग्रहण किया।
हालांकि, राज्यसभा के दो अन्य सदस्य (अशोक मित्तल और विक्रमजीत साहनी) बैठक में शामिल हुए। मित्तल और साहनी ने इन चारों के साथ पाला बदल लिया था।
अमरिंदर सिंह ढिल्लों की नियुक्ति पर अपनी असहमति जताते रहे हैं, जिन्हें वह अपना "मित्र" कहते हैं।
उन्होंने कहा था, "पहले हम एक-दूसरे को दोस्त के रूप में जानते थे, लेकिन दोस्ती एक पहलू है और राजनीतिक क्षमता दूसरा पहलू है।"
अमरिंदर सिंह ने कहा था, "मुझे नहीं लगता कि केवल उस स्थिति में हैं जो भाजपा उनसे चाहती है। मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूं क्योंकि जब मैं अध्यक्ष और मुख्यमंत्री था तब वह सक्रिय रूप से शामिल थे और जमीनी स्तर पर उनका प्रदर्शन वैसा नहीं रहा जैसा होना चाहिए था। भाजपा को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए था।"
कांग्रेस नेता और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा (जिनके अमरिंदर सिंह के साथ अच्छे व्यक्तिगत संबंध हैं) से जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या दिग्गज नेता अमरिंदर सिंह की कांग्रेस में वापसी की संभावना है तो उन्होंने जवाब दिया, "मैं नहीं कह सकता, आपको उनसे (अमरिंदर से) पूछना होगा।"
भाषा
शुभम रंजन
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