उत्तराखंड : दिव्यांशु हत्याकांड में इंसाफ की मांग को लेकर किसानों ने की महापंचायत
दीप्ति रवि कांत
- 03 Apr 2026, 10:30 PM
- Updated: 10:30 PM
देहरादून, तीन अप्रैल (भाषा) उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में छात्रों के दो गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प में जान गंवाने वाले उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के दिव्यांशु जाटराणा के लिए न्याय की मांग को लेकर किसान नेता राकेश टिकैत के नेतृत्व में शुक्रवार को यहां महापंचायत की गयी।
देहरादून के आशारोड़ी चेकपोस्ट पर इंजीनियरिंग के छात्र दिव्यांशु (22) के लिए शोकसभा भी आयोजित की गयी जिसमें उसके दादा उसे याद करते हुए फूट-फूट कर रो पड़े।
दिव्यांशु के दादा को ढांढस बंधाते हुए भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता टिकैत ने कहा कि दिव्यांशु के परिवार की तरह हजारों लोग हैं जो अपनी मेहनत की कमाई से अपने बच्चों को देहरादून और मसूरी में पढ़ाई के लिए भेजते हैं, लेकिन दिव्यांशु हत्याकांड जैसी घटनाएं होने से वे अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
टिकैत ने कहा, ''अगर यही हाल रहा तो अब तक देहरादून को अच्छा समझने वाले बाहर के लोग सोचेंगे कि यहां का माहौल ठीक नहीं है। इससे देहरादून की छवि भी खराब होगी।''
टिकैत ने कहा कि देहरादून और देवभूमि उत्तराखंड सबका है और सरकार, प्रशासन तथा पुलिस को इस संबंध में सख्त रुख अपनाना चाहिए।
उन्होंने प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी और उसके कारोबार का भी जिक्र किया तथा उसे रोके जाने के लिए सख्त कदम उठाए जाने की जरुरत पर बल दिया।
किसान नेता ने कहा कि वे लोग यहां पर सरकार से इंसाफ लेने आए हैं।
टिकैत ने कहा, ''हमारी मांग है कि जिन लोगों ने (दिव्यांशु की) हत्या की है, उन्हें पकड़ कर जेल भेजा जाए।''
दिव्यांशु हत्याकांड में अधिकांश आरोपियों के बिहार के होने के बारे में पूछे जाने पर टिकैत ने कहा कि वह जातिवाद या क्षेत्रवाद की बात नहीं करते हैं।
उन्होंने कहा, ''हत्या करने वाला कोई भी हो, उसने हत्या की है। अगर यही काम मुजफ्फरनगर के बच्चे ने किया होता तो क्या हम उसे छोड़ देते।''
महापंचायत में उत्तर प्रदेश के कई जिलों तथा उत्तराखंड के हरिद्वार जिले से बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए।
किसानों से मिलने के लिए देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमेंद्र सिंह डोभाल भी पहुंचे और उन्हें दिव्यांशु की हत्या के सभी आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का भरोसा दिलाया।
बाद में एसएसपी डोभाल ने संवाददाताओं से कहा, '' मामले की जांच चल रही है। इसमें अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है जबकि अन्य आरोपियों को भी पकड़ने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।''
देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र के एक निजी विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों के दो गुटों के बीच वर्चस्व को लेकर 23 मार्च की रात हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें दिव्यांशु गंभीर रूप से घायल हो गया था। बाद में दून अस्पताल में उपचार के दौरान दिव्यांशु की मृत्यु हो गयी थी।
इस मामले में फरार चल रहे सात आरोपियों पर पुलिस ने 25-25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया है।
भाषा
दीप्ति रवि कांत
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