सक्ती के वेदांता संयंत्र में विस्फोट अत्यधिक ईंधन दबाव के कारण हुआ: प्रारंभिक जांच
खारी
- 17 Apr 2026, 12:26 AM
- Updated: 12:26 AM
सक्ती (छत्तीसगढ़), 16 अप्रैल (भाषा) छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता विद्युत संयंत्र में हुए विस्फोट की प्रारंभिक तकनीकी जांच में पता चला है कि बॉयलर फर्नेस के भीतर अत्यधिक मात्रा में ईंधन जमा होने से तेज दबाव बना, जिसके कारण विस्फोट हुआ। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
सिंघीतराई गांव स्थित इस संयंत्र में 14 अप्रैल को हुए धमाके में 20 मजदूरों की मौत हो गई थी और 16 अन्य घायल हो गए थे। हादसा उस समय हुआ, जब बॉयलर से टर्बाइन तक उच्च दबाव वाली भाप ले जाने वाला स्टील पाइप फट गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, डभरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिंघीतराई गांव स्थित वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल को अपराह्न दो बजकर 33 मिनट पर बॉयलर-एक में भीषण विस्फोट हुआ, जिसमें भारी जनहानि हुई। सूचना मिलते ही पुलिस दल मौके पर पहुंचा।
उन्होंने बताया कि घायलों को इलाज के लिए रायगढ़ जिले के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
अधिकारियों ने कहा कि घटनास्थल पर मौजूद बॉयलर मुख्य निरीक्षक की प्रारंभिक तकनीकी रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि फर्नेस के भीतर अत्यधिक ईंधन जमा होने से दबाव बढ़ गया, जिससे बायलर में विस्फोट हुआ। दबाव बढ़ने के कारण बॉयलर का निचला पाइप अपनी स्थिति से हट गया, जिसके चलते यह गंभीर दुर्घटना हुई।
फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल), सक्ती की रिपोर्ट में भी यह पुष्टि हुई है कि अत्यधिक ईंधन संचय और उससे उत्पन्न अतिरिक्त दबाव ही विस्फोट का मुख्य कारण रहा।
जांच में यह भी सामने आया कि वेदांता कंपनी तथा एनजीएसएल द्वारा मशीनरी और उपकरणों के रखरखाव तथा संचालन संबंधी मानकों का समुचित पालन नहीं किया गया। उपकरणों की देखरेख में लापरवाही और संचालन में उपेक्षा के कारण बॉयलर के दबाव में अचानक उतार-चढ़ाव आया, जिससे यह हादसा हुआ।
अधिकारियों के अनुसार उपलब्ध साक्ष्यों और तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर लापरवाही स्पष्ट पाई गई है।
इन परिस्थितियों में पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर के निर्देश पर वेदांता कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, कंपनी प्रबंधक देवेंद्र पटेल समेत 10 जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
सक्ती के पुलिस अधीक्षक ठाकुर ने बताया कि तकनीकी विशेषज्ञों के साथ समन्वय कर मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि जांच के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई है। टीम में अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) सुमित गुप्ता, फोरेंसिक अधिकारी सृष्टि सिंह और थाना प्रभारी डभरा राजेश पटेल शामिल हैं।
ठाकुर ने कहा, "जांच के दौरान यदि अन्य लोग भी जिम्मेदार पाए जाते हैं, तो उनके नाम भी मामले में जोड़े जाएंगे।"
भाषा संजीव खारी
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1704 0026 सक्ती