जानापाव में परशुराम-श्रीकृष्ण लोक विकसित किया जायेगा: मुख्यमंत्री यादव
जितेंद्र
- 19 Apr 2026, 11:24 PM
- Updated: 11:24 PM
इंदौर, 19 अप्रैल (भाषा) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को भगवान परशुराम की जन्म-स्थली जानापाव में 17.41 करोड़ की लागत से श्री परशुराम-श्रीकृष्ण लोक विकसित किए जाने की घोषणा की और कहा कि यह भगवान परशुराम व भगवान श्रीकृष्ण के जीवन-दर्शन के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने वाला एक प्रमुख आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन का केन्द्र बनेगा।
यादव ने यह घोषणा परशुराम जयंती के अवसर पर इंदौर जिले के जानापाव में आयोजित 'परशुराम प्रकटोत्सव' को संबोधित करते हुए की। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम का जीवन आस्था, श्रद्धा और धर्म की स्थापना के लिए समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर युग में अधर्म के विरुद्ध खड़े होकर परशुराम जी ने धर्म की पुनर्स्थापना की और शस्त्र तथा शास्त्र दोनों में पारंगत रहकर संतुलित शक्ति का परिचय दिया।
उन्होंने कहा, "भगवान परशुराम की जन्म-स्थली जानापाव में 17.41 करोड़ की लागत से श्री परशुराम-श्रीकृष्ण लोक विकसित किया जायेगा, जो भगवान परशुराम और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन-दर्शन के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने वाला एक प्रमुख आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन का केन्द्र बनेगा।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस लोक के माध्यम से जानापाव को राष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट पहचान मिलेगी।
यादव ने कहा कि जानापाव क्षेत्र से सात से अधिक नदियों का उद्गम हुआ है, जिनमें प्रमुख रूप से चंबल, गंभीर, अजनार, चोरल शामिल हैं।
उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत गंभीर और अजनार नदी को पुनर्जीवित करने की कार्य-योजना बनाने के निर्देश दिए और कहा कि नदियां धरती माता की धमनियों के समान है।
यादव ने कहा, "उनका संरक्षण, पुनर्जीवन और सतत प्रवाह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है। नदियों के जीवित होने से हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि जानापाव में प्रस्तावित लोक में पौराणिक महत्व को दर्शाने वाला एक भव्य संग्रहालय बनाया जाएगा, जिसमें शस्त्र दीर्घा, उत्पत्ति दीर्घा, स्वरूप दीर्घा, संतुलन दीर्घा और ध्यान दीर्घा के माध्यम से भगवान परशुराम और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के विविध आयामों को प्रस्तुत किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि परिसर में दोनों भगवानों की कांस्य प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी, 30 फुट ऊंचा भव्य प्रवेश द्वार निर्मित होगा, कथा मंच का निर्माण किया जाएगा तथा गजेबो, व्यू पॉइंट, लैंडस्केपिंग और पाथ-वे सहित अन्य आधारभूत विकास कार्य किए जाएंगे।
यादव ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के लीला-स्थलों को "श्रीकृष्ण पाथेय" के रूप में विकसित कर उन्हें तीर्थ स्वरूप दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जहां-जहां भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं हुई हैं, उन सभी स्थानों को आस्था और पर्यटन के प्रमुख केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है।
भाषा सं ब्रजेन्द्र जितेंद्र
जितेंद्र
1904 2324 इंदौर