होर्मुज जलडमरूमध्य में फिर हिंसा भड़कने पर ईरान एवं अमेरिका के बीच वार्ता पर संदेह के बादल
राजकुमार
- 20 Apr 2026, 05:48 PM
- Updated: 05:48 PM
इस्लामाबाद 20 अप्रैल (एपी) नाजुक युद्धविराम के समाप्त होने के कुछ ही दिन पहले पाकिस्तान सोमवार को अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता के एक नये दौर की तैयारी में जुट गया, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास फिर से शुरू हुए संघर्ष के कारण यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या यह बैठक हो भी पाएगी या नहीं।
सप्ताहांत में, अमेरिका ने एक ईरानी ध्वज वाले मालवाहक जहाज पर हमला किया और उसे जब्त कर लिया। अमेरिका का कहना था कि उसने (मालवाहक जहाज ने) ईरानी बंदरगाहों की उसकी नाकेबंदी से बचने की कोशिश की थी।
ईरान के सरकारी मीडिया की खबर है कि तेहरान के संयुक्त सैन्य कमान ने जवाबी कार्रवाई करने का संकल्प लिया और उसके विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष से कहा कि ईरानी जहाजों और बंदरगाहों पर अमेरिकी खतरे नियोजित वार्ता से पहले अमेरिका की कपटता के 'स्पष्ट संकेत' हैं।
तनाव बढ़ने और सप्ताह के मध्य में युद्धविराम की समाप्ति के मद्देनजर, पाकिस्तान ने योजनानुसार मंगलवार को फिर से वार्ता करने के उद्देश्य से पिछले 24 घंटों में अमेरिका और ईरान के साथ राजनयिक संपर्क तेज कर दिए हैं।
तैयारियों में शामिल दो पाकिस्तानी अधिकारियों ने अपनी पहचान उजागर नहीं किये जाने की शर्त पर यह जानकारी दी, क्योंकि वे प्रेस से बात करने के लिए अधिकृत नहीं हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिकी वार्ताकार सोमवार को पाकिस्तान की राजधानी के लिए रवाना होंगे, लेकिन यह तुरंत स्पष्ट नहीं है कि अब इन योजनाओं में कोई बदलाव होगा या नहीं।
वैसे तो ईरान ने संभावित वार्ता पर आधिकारिक तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन ईरानी सरकारी मीडिया ने अज्ञात सूत्रों का हवाला देते हुए संक्षिप्त रिपोर्ट जारी की हैं जिनमें संकेत दिया गया है कि वार्ता नहीं होगी।
अमेरिका और इजराइल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर हमला करके युद्ध शुरू किये जाने के तत्काल बाद, तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले यातायात को अवरुद्ध कर दिया, जो फारस की खाड़ी को खुले समुद्र से जोड़ता है। अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी भी कर दी है।
विश्व के तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा सामान्यतः इसी जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। विश्व के किसानों के लिए उर्वरक की महत्वपूर्ण आपूर्ति तथा प्राकृतिक गैस और अफगानिस्तान और सूडान जैसे बेहद जरूरतमंद स्थानों के लिए मानवीय सहायता सामग्री भी इसी जलडमरूमध्य से होकर गुजरती है।
ईरान का कहना है कि उसके देश में अब तक 3,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की पकड़ से तेल की कीमतें आसमान छूने लगीं और दशकों में सबसे खराब वैश्विक ऊर्जा संकटों में से एक पैदा हो गया है।
ईरान द्वारा जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की घोषणा के बाद तेल की कीमतों में मामूली सुधार हुआ। शुक्रवार को इजराइल और लेबनान में ईरान समर्थित हिज़्बुल्लाह आतंकवादी समूह के बीच 10 दिन का युद्धविराम लागू हो गया।
लेकिन फिर ट्रंप ने कहा कि जब तक ईरान अमेरिका के साथ समझौता नहीं कर लेता, तब तक अमेरिकी नाकेबंदी पूरी तरह से लागू रहेगी। अमेरिकी सेना ने रविवार को ईरानी मालवाहक जहाज को जब्त कर लिया, जो पिछले सप्ताह नाकेबंदी शुरू होने के बाद पहली कार्रवाई थी।
सरकारी प्रसारक के अनुसार, ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने जहाज को कब्जाने की घटना को समुद्री डकैती और युद्धविराम का उल्लंघन बताया है और युद्ध की शुरुआत में लगाए गए प्रतिबंधों को फिर से लागू करने की कसम खाई है। ईरान ने शनिवार को ही पारगमन करने की कोशिश कर रहे जहाजों पर गोलीबारी की थी।
एपी राजकुमार सुरेश
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2004 1748 इस्लामाबाद