महिला आरक्षण पर भ्रम फैला रही है भाजपा : अशोक गहलोत
अमित
- 21 Apr 2026, 08:57 PM
- Updated: 08:57 PM
जयपुर, 21 अप्रैल (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को कहा कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण के मुद्दे पर भ्रम फैला रही है।
उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक तो 2023 में ही संसद के दोनों सदनों द्वारा सर्वसम्मति से पारित होकर कानून का रूप ले चुका है।
गहलोत ने यहां मीडिया से बातचीत में महिला आरक्षण के विषय पर भाजपा के तथ्यों को भ्रामक बताते हुए कहा कि हाल ही में संसद में लाए गए विधेयक परिसीमन से जुड़े मुद्दे पर थे। गहलोत ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक तो सितंबर 2023 में ही संसद के दोनों सदनों द्वारा सर्वसम्मति से पारित होकर कानून का रूप ले चुका है।
उन्होंने केंद्र में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार की नीयत में खोट होने का आरोप लगाते हुए कहा कि तीन वर्ष होने के बावजूद इस कानून की अधिसूचना जारी नहीं की गई... अब जाकर इसकी अधिसूचना जारी हुई है।
गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाल में दिए 'राष्ट्र के नाम संबोधन' को राजनीति से प्रेरित बताया और कहा कि ऐसा कभी नहीं किया जाता है कि राष्ट्र के नाम संबोधन में राजनीतिक भाषण दिया जाए। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सर्वदलीय बैठक बुलाने की बात कही थी लेकिन सरकार ने विपक्ष की मांग को अनसुना कर दिया।
उन्होंने राज्य की भाजपा सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा ऐसे वक़्त जब महिलाओं के खिलाफ अपराध हो रहे हैं राज्य में महिला आयोग के अध्यक्ष का पद खाली पड़ा है।
उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय शुरू की गई परियोजनाओं की वर्तमान में ''दुर्दशा होने का आरोप लगाते हुए अपनी सोशल मीडिया सीरीज 'इंतजार शास्त्र' का जिक्र करते हुए कहा कि इसके कारण पूरी सरकार ही 'रक्षात्मक रुख' में आ गई। गहलोत ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की योजनाओं के ''प्रभावी तरह से लागू नहीं होने'' पर भी दुख जताया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का किसान परेशान है और उनके लिए कर्जमाफी की मांग की है। उन्होंने कहा, ''किसान आज दबाव और कठिनाइयों में है। जिस तरीके पर हमने पहले कर्जमाफी की थी उसी तरह दोबारा किसान कर्जमाफी की जानी चाहिए।''
उन्होंने आदर्श क्रेडिट घोटाला मामले में सरकार और आरोपी पक्ष की मिलीभगत का आरोप लगाया। गहलोत ने आरोप लगाते हुए कहा कि राजस्थान सरकार की ओर से उच्चतम न्यायालय में इस मामले की पैरवी कर रहे वकील शिवमंगल शर्मा और उनकी फर्म 'ऑरा एंड कंपनी' का इस घोटाले के आरोपियों के साथ गहरा संबंध है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ''यह हितों से टकराव का मुद्दा है लेकिन राज्य सरकार इस पर कार्रवाई नहीं कर रही है और यह साबित करता है कि सरकार और आरोपी मिले हुए हैं।''
भाषा पृथ्वी अमित
अमित
2104 2057 जयपुर