शीना बोरा मामला : न्यायालय का इंद्राणी मुखर्जी की विदेश जाने की नयी याचिका पर सुनवाई से इनकार
मनीषा
- 24 Apr 2026, 01:59 PM
- Updated: 01:59 PM
नयी दिल्ली, 24 अप्रैल (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को शीना बोरा हत्या मामले की आरोपी इंद्राणी मुखर्जी की विदेश यात्रा की अनुमति मांगने वाली नयी याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया।
न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने मुखर्जी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी से कहा कि शीर्ष अदालत पहले ही उन्हें किसी भी राहत के लिए निचली अदालत जाने को कह चुकी है, जहां उनके खिलाफ मुकदमे की कार्यवाही लंबित है।
जेठमलानी ने कहा कि पिछले वर्ष उच्चतम न्यायालय ने विदेश यात्रा की मुखर्जी की याचिका पर गुण-दोष के आधार पर फैसला नहीं दिया था, लेकिन अब कुछ तात्कालिक जरूरत है।
पीठ ने कहा कि पिछले वर्ष का आदेश केवल याचिकाकर्ता को निचली अदालत में आवेदन देने की अनुमति देने के लिए था, न कि शीर्ष अदालत में।
न्यायालय ने आदेश दिया, ''उपरोक्त परिस्थितियों को देखते हुए हम याचिकाकर्ता को निचली अदालत में आवेदन दायर करने की स्वतंत्रता देते हैं। यदि आवेदन दायर किया जाता है, तो उस पर हमारे आदेश के अनुरूप निर्णय लिया जाए। तात्कालिकता को देखते हुए आवेदन का निपटारा चार सप्ताह के भीतर किया जाए।''
पिछले वर्ष 12 फरवरी को शीर्ष अदालत ने पूर्व मीडिया कार्यकारी मुखर्जी की विदेश यात्रा के अनुरोध वाली याचिका खारिज करते हुए कहा था कि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि वह वापस लौटेंगी।
न्यायालय ने निचली अदालत को एक वर्ष के भीतर मामले की सुनवाई पूरी करने का निर्देश दिया था और बंबई उच्च न्यायालय के उस आदेश को बरकरार रखा था, जिसमें उनकी याचिका खारिज की गई थी।
न्यायालय ने कहा कि मुखर्जी के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई काफी आगे बढ़ चुकी है। उसने निचली अदालत को सुनवाई में तेजी लाने और एक वर्ष में मुकदमे का निपटारा करने का निर्देश दिया।
न्यायालय ने मुखर्जी को विदेश यात्रा से संबंधित किसी भी राहत के लिए निचली अदालत जाने की छूट दी थी।
विदेश यात्रा पर रोक का मामला पिछले वर्ष उच्चतम न्यायालय पहुंचा था, जब विशेष अदालत ने 19 जुलाई 2024 को मुखर्जी को 10 दिन के लिए स्पेन और ब्रिटेन जाने की अनुमति दी थी।
हालांकि, सीबीआई की अपील पर बंबई उच्च न्यायालय ने 27 सितंबर 2024 को हस्तक्षेप करते हुए उस आदेश को रद्द कर दिया था।
इसके बाद मुखर्जी ने उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया था।
इस वर्ष उन्होंने विदेश यात्रा की अनुमति मांगते हुए नयी याचिका दायर की।
मुखर्जी को अगस्त 2015 में गिरफ्तार किया गया था, जब बोरा की हत्या का मामला सामने आया था। उच्चतम न्यायालय ने मई 2022 में उसे छह वर्ष से अधिक समय तक हिरासत में रहने के बाद जमानत दे दी थी।
मुखर्जी ने सभी आरोपों से इनकार किया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 24 वर्षीय शीना बोरा की अप्रैल 2012 में मुंबई में एक कार के अंदर गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। यह हत्या कथित तौर पर मुखर्जी, उनके तत्कालीन ड्राइवर श्यामवर राय और पूर्व पति संजीव खन्ना ने की थी। बाद में शव को पड़ोसी रायगढ़ जिले के जंगल में जला दिया गया था। शीना बोरा, मुखर्जी की पूर्व संबंध से हुई बेटी थी।
हत्या का खुलासा उस समय हुआ जब राय ने शस्त्र अधिनियम के एक अलग मामले में गिरफ्तारी के बाद पुलिस की पूछताछ के दौरान कथित रूप से राज उगल दिया।
मुखर्जी के पूर्व पति पीटर मुखर्जी को भी इस हत्या से जुड़ी साजिश में कथित संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले की जांच सीबीआई द्वारा की गई।
सभी आरोपी फिलहाल जमानत पर हैं।
भाषा
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