भाजपा ने पवन खेड़ा की जमानत याचिका खारिज किए जाने के फैसले का स्वागत किया
मनीषा
- 24 Apr 2026, 02:05 PM
- Updated: 02:05 PM
नयी दिल्ली, 24 अप्रैल (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की पत्नी के कथित जाली दस्तावेजों के मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज किए जाने के गुवाहाटी उच्च न्यायालय के फैसले का भाजपा ने शुक्रवार को स्वागत किया और उनका समर्थन करने को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा।
सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक वीडियो पोस्ट कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने खेड़ा की आलोचना की और अदालत के आदेश को कांग्रेस नेता के लिए एक और झटका बताया।
उन्होंने कहा, ''यह उनके लिए एक और झटका है क्योंकि उन्होंने झूठ के आधार पर एक विवाद खड़ा किया था।''
पूनावाला ने खेड़ा का समर्थन करने के लिए राहुल गांधी पर भी निशाना साधा और कांग्रेस नेता से माफी मांगने के लिए कहा।
उन्होंने कहा, ''खेड़ा का समर्थन करने वाले राहुल गांधी को भी माफी मांगनी चाहिए।''
उन्होंने आरोप लगाया कि खेड़ा जांच से बच रहे हैं। उन्होंने उन्हें अधिकारियों के साथ सहयोग करने की सलाह दी।
उन्होंने कहा, ''गांधी ने खेड़ा को 'बब्बर शेर' के रूप में पेश किया था जो अब एक भीगी बिल्ली की तरह चुप हैं। वह छिप रहे हैं और भाग रहे हैं; उन्हें असम पुलिस के सामने पेश होना चाहिए।''
भाजपा प्रवक्ता ने यह भी कहा कि खेड़ा उच्च न्यायालयों से राहत पाने में असफल रहे।
उन्होंने कहा, ''उन्हें उच्चतम न्यायालय से भी कोई राहत नहीं मिली। उच्चतम न्यायालय ने उन्हें फटकार लगाई और गुवाहाटी उच्च न्यायालय जाने को कहा। तेलंगाना उच्च न्यायालय से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मिली राहत को आगे नहीं बढ़ाया गया।''
पूनावाला ने आरोप लगाया कि खेड़ा ने पाकिस्तान के इशारे पर हेरफेर किए गए दस्तावेजों के जरिए असम के मुख्यमंत्री की ''राजनीतिक हत्या'' का प्रयास किया।
उन्होंने कहा, ''पवन खेड़ा ने फर्जी दस्तावेजों, जाली सामग्री और फोटोशॉप किए गए (छेड़छाड़ कर बनाए गए) दस्तावेजों के आधार पर असम के मुख्यमंत्री और असम की बेटी (मुख्यमंत्री की पत्नी) को निशाना बनाया। यह सब इस्लामाबाद, पाकिस्तान के इशारे पर हिमंत विश्व शर्मा की राजनीतिक हत्या के इरादे से किया गया था। यह जालसाजी का मामला है। यह एक आपराधिक मामला है।''
गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को खेड़ा की जमानत याचिका खारिज कर दी। खेड़ा ने आरोप लगाया था कि असम के मुख्यमंत्री की पत्नी रिंकी भुइयां शर्मा के पास कई पासपोर्ट और विदेशों में अघोषित संपत्ति है।
कांग्रेस नेता के वकील ने बताया कि न्यायमूर्ति पार्थिव ज्योति सैकिया की एकल पीठ ने सोमवार को खेड़ा द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया। यह याचिका तब दायर की गई थी जब उच्चतम न्यायालय ने उन्हें गुवाहाटी उच्च न्यायालय में अपील करने के लिए कहा था।
भाषा सुरभि मनीषा
मनीषा
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