'आप' के सात सांसदों ने पार्टी छोड़ी: दिल्ली चुनाव में हार के बाद पार्टी को सबसे बड़ा झटका
माधव
- 24 Apr 2026, 08:41 PM
- Updated: 08:41 PM
नयी दिल्ली, 24 अप्रैल (भाषा) दिल्ली में सत्ता गंवाने के बमुश्किल एक साल बाद शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (आप) को तब सबसे बड़ा झटका लगा जब राघव चड्ढा समेत उसके सात राज्यसभा सदस्यों ने पार्टी छोड़ दी।
चड्ढा के अलावा 'आप' से इस्तीफा देने वाले अन्य राज्यसभा सदस्यों में संदीप पाठक, पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, अशोक मित्तल, राजेंद्र गुप्ता और विक्रम साहनी शामिल हैं।
चड्ढा ने पाठक और मित्तल के साथ संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्यों में से दो-तिहाई ने पार्टी छोड़ दी है और वे एक गुट के रूप में भाजपा में शामिल होंगे।
चड्ढा ने कहा कि पार्टी सांसद हरभजन सिंह और स्वाति मालीवाल भी 'आप' छोड़ रहे हैं।
चड्ढा 2012 में 'आप' की स्थापना के समय ही इससे जुड़ गए थे और पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। उन्होंने उसी वर्ष दिल्ली लोकपाल विधेयक का मसौदा तैयार करने में मदद की थी।
पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) चड्ढा बाद में पार्टी के सबसे युवा राष्ट्रीय प्रवक्ता बने।
मालीवाल 2024 में 'आप' से राज्यसभा के लिए चुनी गईं। इससे पहले, उन्होंने दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष के रूप में कार्य किया था।
उन्होंने मई 2024 में तब पार्टी की आलोचना करना शुरू कर दिया था जब उन्होंने आरोप लगाया था कि दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर उन पर हमला किया गया था।
'आप' छोड़ने वाले सांसदों में से एक संदीप पाठक ने कहा कि उनकी शैक्षणिक यात्रा कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से शुरू हुई, जिसके बाद वह ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और बाद में मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) चले गये थे।
पाठक 2022 में 'आप' में शामिल हुए थे और उसी वर्ष राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। उन्हें पार्टी का गुजरात प्रभारी और पंजाब का सह-प्रभारी भी नियुक्त किया गया।
पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह 2022 में राज्यसभा में जाने से पहले 'आप' में शामिल हुए थे। वह खेल कमेंटेटर और अभिनेता के रूप में भी जाने जाते हैं।
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के संस्थापक और कुलाधिपति अशोक मित्तल भी 2022 में 'आप' में शामिल हुए थे और राज्यसभा के लिए चुने गए। उन्हें 2024 में संसद की वित्त संबंधी स्थायी समिति के सदस्य के रूप में चुना गया था।
राजेंद्र गुप्ता एक उद्योगपति हैं और 2025 में 'आप' से राज्यसभा सदस्य बने। उन्हें व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया था।
पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित विक्रम साहनी 2022 में पार्टी में शामिल हुए थे। इससे पहले उन्हें मॉरीशस के राष्ट्रपति से अंतरराष्ट्रीय शांति पुरस्कार प्राप्त हुआ था।
पांच फरवरी, 2025 को हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में 'आप' को पराजय का सामना करना पड़ा था। जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 70 में से 48 सीट जीतीं, वहीं 'आप' को 22 सीट पर जीत हासिल हुई थी।
भाजपा 26 साल बाद राष्ट्रीय राजधानी में सत्ता में वापस लौटी थी।
भाषा
देवेंद्र माधव
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