मान ने कुर्सी पर खतरा उत्पन्न होने पर कदम उठाने का निर्णय लिया : विपक्ष
दिलीप
- 25 Apr 2026, 10:33 PM
- Updated: 10:33 PM
चंडीगढ़, 25 अप्रैल (भाषा) पंजाब में विपक्षी दलों ने शनिवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान पर राज्य के मुद्दों पर चुप्पी साधने और अपनी ''कुर्सी पर खतरा उत्पन्न होने पर'' सक्रिय होने का आरोप लगाया।
विपक्ष का यह बयान आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्यों के दल-बदल के मुद्दे पर मान द्वारा राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगने के बाद आया है।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा में इन "बाहरी" लोगों को मनोनीत करके पंजाब की जनता के साथ विश्वासघात किया है और अब पार्टी को अपने कर्मों का फल भुगतना पड़ रहा है।
शुक्रवार को एक चौंकाने वाले घटनाक्रम में, आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सदस्य भाजपा में शामिल हो गए, जिनमें से छह पंजाब से हैं। ये सात सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, स्वाति मालीवाल और विक्रमजीत साहनी हैं।
आम आदमी पार्टी (आप) के सूत्रों के अनुसार, मान ने शनिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के लिए समय मांगा, ताकि वे सांसदों की ''सदस्यता समाप्त करने'' के मुद्दे पर अपनी पार्टी का पक्ष रख सकें।
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने मान पर पंजाब के मुद्दों पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया।
मजीठिया ने एक बयान में कहा, "जैसे ही उनकी कुर्सी को खतरा उत्पन्न हुआ, उन्हें राष्ट्रपति की याद आई। लेकिन बंदी सिंहों (सिख कैदियों), किसानों और पंजाब के अधिकारों के मुद्दों पर हमेशा चुप्पी साधे रखी। यही भगवंत मान का असली चेहरा है।"
उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली के नेता पंजाब के संसाधनों को "दोनों हाथों से लूट रहे हैं", लेकिन मुख्यमंत्री ने चुप्पी साधे रखी।
आम आदमी पार्टी के इस दावे का उल्लेख करते हुए कि दलबदल करने वाले सांसदों ने पंजाब के साथ विश्वासघात किया है, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि यह सच नहीं है, क्योंकि पंजाबियों को उनसे कभी कोई उम्मीद नहीं थी।
उन्होंने कहा, "पंजाब की जनता के साथ वास्तव में उसी दिन विश्वासघात हुआ, जिस दिन आपने राज्यसभा के लिए उन सभी लोगों को मनोनीत किया, जिनमें कुछ बाहरी और कुछ बड़े अरबपति थे।"
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी अपने किए का फल भोग रही है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि सांसदों का दलबदल पंजाब की जनता के हित में है।
वडिंग ने कहा, ''चाहे वह संसद की सदस्यता हो या इन लोगों को मिली सुविधा, यह सब पंजाब की जनता की कीमत पर हासिल किया गया था। बाहरी लोगों को पुरस्कृत करने और उन्हें समायोजित करने के लिए पंजाबी आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं की अनदेखी की गई।''
उन्होंने कहा कि राज्य की जनता इसे हमेशा याद रखेगी।
भाषा अमित दिलीप
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