भाजपा महिला सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध : मोदी
दिलीप
- 26 Apr 2026, 08:47 PM
- Updated: 08:47 PM
(तस्वीरों के साथ)
बनगांव, 26 अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को तृणमूल कांग्रेस पर "महिलाओं को प्रताड़ित करने वाले गुंडों को पनाह देने" का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा द्वारा संदेशखलि की रेखा पात्रा और आर जी कर अस्पताल की पीड़िता की मां को चुनाव में टिकट देना महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
उत्तर 24 परगना जिले के बनगांव में ठाकुरनगर स्थित मतुआ समुदाय के गढ़ में एक चुनावी रैली में मोदी ने कहा कि पड़ोसी देश में धार्मिक उत्पीड़न के बाद भारत में शरण लेने वाले सभी शरणार्थियों को संशोधित नागरिकता अधिनियम (सीएए) के तहत निर्धारित प्रक्रियाओं के माध्यम से नागरिकता प्रदान की जाएगी।
भाजपा ने विधानसभा चुनाव में हिंगलगंज से पात्रा को उम्मीदवार बनाया है, जबकि आर जी कर अस्पताल की बलात्कार पीड़िता चिकित्सक की मां रत्ना देबनाथ को पानीहाटी से उम्मीदवार बनाया है। दुष्कर्म के बाद महिला चिकित्सक की हत्या कर दी गई थी।
संदेशखलि 2024 में तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेताओं द्वारा महिलाओं का यौन शोषण करने के आरोपों के सामने आने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आया था। उसी वर्ष आर जी कर अस्पताल की घटना भी हुयी थी।
मोदी ने कहा कि रेखा पात्रा और रत्ना देबनाथ को चुनाव टिकट देने के भाजपा के फैसले में "बंगाल की महिलाओं की सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता" झलकती है।
उन्होंने कहा, "मैं मतुआ नामशूद्र समुदाय के भाइयों और बहनों के समक्ष यह वचन देता हूं कि उन्हें नागरिकता संशोधन अधिनियम के माध्यम से नागरिकता प्राप्त होगी। उन्हें वे सभी दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे, जो इस देश के अन्य नागरिकों को प्राप्त हैं।"
उन्होंने कहा, "सीएए पर तृणमूल कांग्रेस के झूठ पर विश्वास न करें। सभी शरणार्थियों को इस देश में स्थायी पता मिलेगा।"
मतुआ समुदाय बंगाल में रहने वाला एक प्रमुख हिंदू नामशूद्र अनुसूचित जाति समूह है, जो मूल रूप से पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) से है, जो धार्मिक उत्पीड़न का सामना करने के बाद इस राज्य में आकर बस गए थे। पश्चिम बंगाल के कई जिलों में उनकी महत्वपूर्ण उपस्थिति है और माना जाता है कि वे लगभग 70 विधानसभा सीटों पर अपना दबदबा रखते हैं।
हाल ही में हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कवायद के परिणामस्वरूप कथित तौर पर समुदाय से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटा दिए गए, जिससे इसके सदस्यों के बीच उनकी नागरिकता की स्थिति को लेकर स्पष्ट चिंता पैदा हो गई।
पहले चरण के चुनावों में 93 प्रतिशत से अधिक रिकॉर्ड मतदान का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, "पहले चरण में तृणमूल कांग्रेस का अहंकार चकनाचूर हो गया, दूसरा चरण राज्य में भाजपा की जीत को पुख्ता करेगा।"
मोदी ने आरोप लगाया कि तृणमूल ने 15 साल पहले सत्ता में आने पर पार्टी का नारा 'मां माटी मानुष' के बारे में बात करना बंद कर दिया है, क्योंकि ऐसा करने से "बंगाल में उनके द्वारा किए गए पाप उजागर हो जाएंगे"।
उन्होंने कहा, "जहां एक ओर मां आंसू बहा रही हैं, वहीं दूसरी ओर जमीन गिरोहों और घुसपैठियों के हाथों में चली गई है और लोगों को रोजगार के अवसरों की तलाश में राज्य छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है।"
मोदी ने आरोप लगाया कि बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के शासन में छोटे से छोटे नेता और गुंडे भी खुद को सरकार मानते हैं।
मोदी ने कहा, "तृणमूल कांग्रेस की 'निर्मम सरकार' इस राज्य की महिलाओं पर अत्याचार करने वाले गुंडों के साथ खड़ी है। अब समय आ गया है कि हम यह कहें कि हम इसे और बर्दाश्त नहीं करेंगे।"
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा, "4 मई (विधानसभा चुनाव परिणामों के दिन) के बाद बंगाल की नयी भाजपा सरकार द्वारा महिलाओं के साथ बलात्कार और उन्हें प्रताड़ित करने वाले बदमाशों को न्याय के कठघरे में लाया जाएगा।"
प्रधानमंत्री ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के स्वतंत्रता-पूर्व दिये गए नारे 'तुम मुझे खून दो और मैं तुम्हें आजादी दूंगा' का जिक्र करते हुए लोगों से भाजपा को वोट देने का आग्रह करते हुए कहा, "और मैं आपको तृणमूल के 'महा जंगलराज' से आजादी दूंगा"।
प्रधानमंत्री ने बांग्लादेश से लगे सीमावर्ती क्षेत्र बनगांव में सभी घुसपैठियों को चेतावनी दी कि वे दूसरे चरण के मतदान की तारीख 29 अप्रैल से पहले देश छोड़ दें, अन्यथा "4 मई को परिणाम आने के बाद उन्हें बाहर निकाल दिया जाएगा"।
मोदी ने जोर देकर कहा, "कोई भी तृणमूल कांग्रेस का नेता इन अवैध निवासियों को बचाने में सक्षम नहीं होगा।"
पिछले साल दिसंबर में लियोनेल मेसी के फुटबॉल टूर्नामेंट के दौरान कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में दर्शकों द्वारा की गई हिंसा का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह घटना राज्य में "तृणमूल कांग्रेस के महाजंगलराज" का प्रतिबिंब थी।
पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए पहले चरण का चुनाव 23 अप्रैल को हुआ था, जबकि दूसरे चरण के लिये 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। मतगणना चार मई को होगी।
भाषा प्रशांत दिलीप
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