भारत-अफ्रीका संबंध नए और निर्णायक दौर में: पबित्र मार्घेरिटा
अविनाश
- 28 Apr 2026, 02:37 PM
- Updated: 02:37 PM
नयी दिल्ली, 28 अप्रैल (भाषा) विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्घेरिटा ने मंगलवार को कहा कि भारत और अफ्रीका के संबंध एक ''नए और निर्णायक दौर'' में हैं तथा दोनों पक्ष इस साझेदारी को कहीं अधिक उच्च और सार्थक स्तर पर ले जाने के लिए तैयारी कर रहे हैं।
भारत मंडपम में आयोजित 'युवा भारत ग्लोबल फोरम' को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और अफ्रीका सहस्राब्दी पुरानी और जीवंत सभ्यताएं हैं जो सदियों से व्यापार, वाणिज्य और सांस्कृतिक आदान-प्रदान से जुड़ी हैं।
इस कार्यक्रम में विभिन्न अफ्रीकी देशों के भारत में तैनात राजनयिक और भारत-अफ्रीका संबंधों को बढ़ावा देने वाले कई संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
मार्घेरिटा ने कहा कि भारत-अफ्रीका संबंध सभ्यतागत जड़ों में गहराई से बसे हैं और उपनिवेशवाद के विरुद्ध साझे संघर्ष ने इन्हें और मजबूत किया है।
उन्होंने जोर देकर कहा, ''भारत की विदेश नीति में अफ्रीका का एक महत्वपूर्ण स्थान है।''
राज्य मंत्री ने हाल में विदेश मंत्री एस. जयशंकर की उपस्थिति में आगामी भारत-अफ्रीका फोरम चतुर्थ शिखर सम्मेलन के लोगो, थीम और वेबसाइट के अनावरण का भी उल्लेख किया। शिखर सम्मेलन का लोगो भारत और अफ्रीका महाद्वीप के परस्पर जुड़े मानचित्रों पर अंकित एक शेर की छवि है।
इसका विषय ''स्थायी साझेदारी, साझा दृष्टिकोण'' है और यह सम्मेलन 28 से 31 मई तक आयोजित होगा।
जयशंकर ने 23 अप्रैल को आयोजित अनावरण समारोह में कहा था कि जब दुनिया जटिल भू-राजनीतिक और भू-आर्थिक चुनौतियों से जूझ रही है, ऐसे समय में भारत-अफ्रीका साझेदारी का विशेष महत्व है और यह अनिश्चिता से भरी दुनिया में ''स्थिरता'' और ''विश्वसनीयता'' का संदेश देगी।
मार्घेरिटा ने कहा कि 'युवा भारत ग्लोबल फोरम' ऐसे विशेष समय में आयोजित किया जा रहा है जब ''भारत-अफ्रीका संबंध एक नए और निर्णायक चरण में प्रवेश कर रहे हैं।''
शिखर सम्मेलन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि भारत और अफ्रीका ''साझेदारी को कहीं अधिक उच्च और सार्थक स्तर पर ले जाने की तैयारी कर रहे हैं।''
राज्य मंत्री ने कहा कि 'महासागर' की परिकल्पना से प्रेरित होकर रक्षा, सुरक्षा और समुद्री सहयोग दोनों देशों के जुड़ाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और भारत हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा व स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए कई अफ्रीकी देशों के साथ मिलकर काम कर रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि हाल के वर्षों में भारत ने अफ्रीका में 17 नए मिशन खोले हैं, जिससे वहां भारतीय मिशन की कुल संख्या 46 हो गई है।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में केन्या, इथियोपिया और अन्य देशों के राजनयिकों ने भी अपने विचार साझा किए।
भाषा खारी अविनाश
अविनाश
2804 1437 दिल्ली