शाह ने बुद्ध के पवित्र अवशेषों को लेह में दर्शनार्थ रखे जाने के कार्यक्रम का उद्घाटन किया
मनीषा
- 01 May 2026, 12:44 PM
- Updated: 12:44 PM
(तस्वीरों के साथ जारी)
लेह/जम्मू, एक मई (भाषा) लद्दाख के दो दिवसीय दौरे पर आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को लेह में तथागत बुद्ध के पवित्र अवशेषों को दर्शनार्थ रखे जाने के कार्यक्रम और 2569वें बुद्ध पूर्णिमा समारोह का उद्घाटन किया।
अधिकारियों ने बताया कि यह कार्यक्रम लेह शहर के फोटांग-चोगलमसर क्षेत्र में स्थित जीवेत्सल में आयोजित किया गया।
तथागत बुद्ध के पिपरहवा अवशेष, गौतम बुद्ध से जुड़े अन्य प्राचीन पवित्र अवशेष एवं वस्तुएं बुधवार को लेह लाई गई थीं। ये अवशेष नेपाल सीमा के पास उत्तर प्रदेश में स्थित पिपरहवा में मिले थे।
अधिकारियों ने बताया कि शाह ने पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान कर बुद्ध के पवित्र अवशेषों को दर्शन के लिए रखे जाने के कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
उन्होंने बताया कि इस समारोह के दौरान शाह ने बुद्ध के अवशेषों के समक्ष शीश झुकाकर उन्हें नमन किया।
इस दौरान अनुष्ठानों के तहत 'मंडल' अर्पण भी किया गया। इसके अलावा 'सुंबा' अर्पण भी किया गया, जिसे आध्यात्मिक एपं भौतिक अर्पणों के सर्वोच्च रूपों में से एक माना जाता है।
इस अनुष्ठान के तहत मूर्ति, धार्मिक ग्रंथों और स्तूप को अर्पण किया जाता है। प्रतिमा तथागत बुद्ध के शरीर का प्रतीक है और प्रबुद्ध विभूतियों की दीर्घायु को समर्पित है। धार्मिक ग्रंथ पवित्र शिक्षाओं के संरक्षण और प्रसार का प्रतिनिधित्व करते हैं तथा तथागत बुद्ध की वाणी के प्रतीक हैं। स्तूप पवित्रता और ज्ञान का प्रतीक है तथा तथागत बुद्ध के मन का प्रतिनिधित्व करता है।
अधिकारियों ने बताया कि इन अर्पणों के पूरा होने के बाद गृह मंत्री ने बुद्ध की मूर्ति के समक्ष परंपरागत रूप से दीप प्रज्वलित किया, जिसके साथ दर्शन कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन हुआ।
माथो मठ के खेनपो थिनलास चोसाल और द्रुकपा थुकसे रिनपोचे इन अवशेषों को दिल्ली से भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से लेह लाए थे।
अधिकारियों ने बताया कि ये अवशेष दो मई से 10 मई तक जीवेत्सल में रखे जाएंगे ताकि लोग इनके दर्शन कर सकें। इसके बाद 11-12 मई को इन्हें जांस्कर और 13-14 मई को लेह के धर्म केंद्र में लोगों के दर्शन के लिए रखा जाएगा। ये अवशेष 15 मई को हवाई मार्ग से वापस दिल्ली वापस ले जाए जाएंगे।
जीवेत्सल को शुक्रवार से शुरू हो दर्शन समारोह का मुख्य स्थल बनाया गया है। इसी दिन 2569वां बुद्ध पूर्णिमा समारोह भी मनाया जा रहा है।
इस अवसर से पहले किए गए व्यापक सौंदर्यीकरण उपायों के कारण लेह उत्सव के रंग में नजर आया।
शाह लेह स्थित केंद्रीय बौद्ध अध्ययन संस्थान से कारगिल में प्रतिदिन 10,000 लीटर क्षमता वाले डेयरी संयंत्र की आधारशिला भी रखेंगे। वह लद्दाख में दुग्ध उत्पादन और आत्मनिर्भरता बढ़ाने के उद्देश्य से डेयरी विकास से जुड़ी कई पहलों की शुरुआत भी करेंगे।
ये कदम केंद्रशासित प्रदेश में ''श्वेत क्रांति'' लाने के प्रयासों का हिस्सा हैं।
शाह के बृहस्पतिवार को लेह पहुंचने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता हाजी अनायत अली के नेतृत्व में कारगिल से आए पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया था।
भाषा
सिम्मी मनीषा
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