भारत में बैंक, रियल एस्टेट और कॉरपोरेट से जुड़े घोटालों में कमी आई: ईडी निदेशक
सुभाष
- 01 May 2026, 07:10 PM
- Updated: 07:10 PM
नयी दिल्ली, एक मई (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के निदेशक राहुल नवीन ने शुक्रवार को कहा कि जांच एजेंसियों की निरंतर कार्रवाई और सरकार की कुछ महत्वपूर्ण पहल के कारण बैंक धोखाधड़ी, कॉरपोरेट घोटाले और रियल एस्टेट क्षेत्र में धोखाधड़ी जैसे वित्तीय अपराधों में कमी आई है।
प्रवर्तन निदेशालय के प्रमुख ने यहां 70वें 'ईडी दिवस' पर आयोजित कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान आपराधिक परिदृश्य का संबंध क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ी धोखाधड़ी, साइबर-आधारित वित्तीय अपराध, आतंकवाद के वित्तपोषण, राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों और मादक पदार्थों की तस्करी से है। उन्होंने कहा कि ये एजेंसी की जांच के प्राथमिकता वाले क्षेत्र हैं।
संघीय जांच एजेंसी की स्थापना एक मई 1956 को हुई थी।
नवीन ने कहा कि ईडी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान अधिक संख्या में आरोपपत्र दाखिल किए और धन शोधन के जटिल मामलों की गहन जांच कर रही है।
उन्होंने कहा, "कुछ साल पहले, हमारा प्रवर्तन कार्य मुख्य रूप से बैंक धोखाधड़ी, बड़े कॉरपोरेट घोटालों और रियल एस्टेट से जुड़ी धोखाधड़ी तक केंद्रित था।''
नवीन ने कहा कि दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता, रियल एस्टेट विनियमन एवं विकास अधिनियम जैसी महत्वपूर्ण सरकारी पहल के पूरक के रूप में जांच एजेंसियों की निरंतर कार्रवाई से इन अपराधों में स्पष्ट रूप से कमी आई है।
उन्होंने कहा, ''वर्तमान में, आपराधिक परिदृश्य क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ी धोखाधड़ी, साइबर-आधारित वित्तीय अपराध, आतंकवाद के वित्तपोषण, राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों और मादक पदार्थों की तस्करी से परिभाषित होता है।''
धन शोधन जांच को ''सबसे जटिल'' बताते हुए नवीन ने कहा कि ये जांच अक्सर कई क्षेत्राधिकारों तक फैली होती हैं, इनमें सीमा पार से वित्तीय लेनदेन और बहुस्तरीय वित्तीय संरचनाएं शामिल होती हैं।
ईडी प्रमुख ने कहा कि एजेंसी ने मादक पदार्थों से संबंधित जांच को 'उच्च प्राथमिकता' दी है। उन्होंने कहा कि लाल किला के निकट एक कार में हुए विस्फोट के मामले (नवंबर 2025) में ईडी की त्वरित और केंद्रित प्रतिक्रिया आतंकवाद और जासूसी से जुड़े धन शोधन के आयाम पर कड़ी/और अधिक सतर्क निगरानी का प्रमाण है।
इस जांच के तहत ईडी ने पिछले साल फरीदाबाद स्थित अल फलाह विश्वविद्यालय के अध्यक्ष जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार किया था और उनके तथा कुछ अन्य लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।
धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत यह मामला दिल्ली पुलिस की दो प्राथमिकी पर आधारित है।
संघीय एजेंसी के निदेशक ने कहा कि 2025-26 के दौरान, ईडी ने 812 आरोपपत्र और 155 पूरक आरोपपत्र दाखिल किए जो इससे पहले के वित्तीय वर्ष की तुलना में लगभग दोगुना है।
उन्होंने कहा कि एजेंसी के मामलों में वर्तमान में दोषसिद्धि दर 94 प्रतिशत है।
निदेशक ने कहा कि अदालतों में धन शोधन के 2,400 मामले विचाराधीन हैं और उन्होंने आशा व्यक्त की कि इनमें से ''अधिकतर'' मामलों में दोषसिद्धि होगी।
नवीन के अनुसार, ईडी ने पिछले वित्तीय वर्ष में 81,422 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की, जो इससे पूर्व के वित्तीय वर्ष की तुलना में 170 प्रतिशत अधिक है।
विभिन्न मामलों में आरोपियों की कुल 2,36,017 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क की गई।
भाषा
संतोष सुभाष
सुभाष
0105 1910 दिल्ली