आपके पास शक्ति है तो उसका दुरुपयोग होना स्वाभाविक: इजराइली राजदूत
पवनेश
- 04 Jun 2026, 08:34 PM
- Updated: 08:34 PM
(शुजा उल हक)
नयी दिल्ली, चार जून (भाषा) भारत में नियुक्त इजराइली राजदूत रूवेन अजार ने इजराइली रक्षा बलों द्वारा दुर्व्यवहार किये जाने के आरोपों के जवाब में कहा है कि जब आपके पास शक्ति होती है, तो उसका दुरुपयोग होना स्वाभाविक है। उन्होंने आलोचना को स्वीकार करते हुए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं पर उनके देश के लिए ''असंभव मानक'' निर्धारित करने का आरोप भी लगाया।
सैन्य आचरण का स्पष्ट आकलन करते हुए, उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं अपवाद हैं और देश की विधि व्यवस्था के माध्यम से इनका समाधान किया जाता है।
राजदूत ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और मीडिया के कुछ वर्गों पर भी आरोप लगाया कि वे क्षेत्र में अन्य पक्षों द्वारा किये गए अत्याचारों को अनदेखा करते हुए इजराइल के लिए ''असंभव'' मानक निर्धारित कर रहे हैं।
अजार ने 'पीटीआई-वीडियो' से कहा, ''कोई भी देश और कोई भी सेना दुर्व्यवहार करेगी। जब आपके पास शक्ति होती है, तो उसका दुरुपयोग होना स्वाभाविक है।''
हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इजराइल की विधि व्यवस्था सैनिकों को जवाबदेह ठहराने के लिए सक्रिय रूप से काम करती है, भले ही आलोचकों का तर्क हो कि (इजराइल) सरकार कुछ मामलों में बहुत नरम रही है।
उनसे जब फलस्तीनी बंदियों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले आरोपी सैनिकों के खिलाफ इजराइली अधिकारियों द्वारा आरोप वापस लिये जाने के बारे में पूछा गया, तो अजार ने तर्क दिया कि ''तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का एक सफल प्रयास'' किया जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इजराइल को लगातार आरोपी के रूप में दर्शाया जाए।
अजार ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी पेशेवर सैन्य अधिकारी के लिए सबसे अहम सवाल यह है कि दुर्व्यवहार अपवाद है या नियम, और क्या ऐसी घटनाओं के होने पर अधिकारी सुधारात्मक कार्रवाई करते हैं।
राजदूत ने विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र को निशाना बनाते हुए दावा किया कि अधिकांश अरब और मुस्लिम देश संयुक्त राष्ट्र का उपयोग उन लोगों को नियुक्त करने के लिए करते हैं जिन्हें इजराइल ने ''पूरी तरह से पक्षपात करने वाला'' करार दिया हुआ है।
उन्होंने इन लोगों द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट को इजराइल के खिलाफ मीडिया में नकारात्मक भावना गढ़ने के लिए बनाये गए ''तंत्र'' का हिस्सा बताया।
हाल में, इजराइल को पहली बार संयुक्त राष्ट्र की उस काली सूची में शामिल किया गया है, जो संघर्ष क्षेत्रों में यौन हिंसा करने वाले देशों से संबंधित है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस के कार्यालय की एक रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र ने गाजा और वेस्ट बैंक में फलस्तीनियों के खिलाफ इजराइली सेना द्वारा कथित तौर पर किये गए यौन हिंसा के 31 मामलों की पुष्टि की है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पुष्टि किये गए मामलों में से 13 मामले 2025 के हैं, जबकि शेष 18 मामले पिछले दो वर्षों में सामने आए।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, सत्यापित मामलों में 14 पुरुष, सात महिलाएं, नौ लड़के और एक लड़की शामिल हैं।
भाषा सुभाष पवनेश
पवनेश
0406 2034 दिल्ली