महाराष्ट्र सरकार ने नासिक कुंभ मेला परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण हेतु 2,267 करोड़ रुपये मंजूर किए
रंजन
- 05 Jun 2026, 06:43 PM
- Updated: 06:43 PM
मुंबई, पांच जून (भाषा) महाराष्ट्र सरकार ने 2027 में होने वाले नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेले के लिए साधु ग्राम परियोजना के लिये आरक्षित 191.21 एकड़ भूमि के अधिग्रहण के लिए शुक्रवार को 2,267 करोड़ रुपये मंजूर किए।
राज्य सरकार ने चेतावनी दी कि कुंभ मेला परियोजना से संबंधित इस राशि का किसी अन्य उद्देश्य के लिए उपयोग गंभीर वित्तीय अनियमितता माना जाएगा और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
राज्य के शहरी विकास विभाग द्वारा जारी एक सरकारी प्रस्ताव (जीआर) के अनुसार, नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला प्राधिकरण को नगर निगम क्षेत्र के भीतर साधु ग्राम (अस्थायी नगर) के लिए आरक्षित भूमि के अधिग्रहण हेतु 2,267 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस अस्थायी नगर में कुंभ मेले के दौरान संतों और विभिन्न अखाड़ों के साधु-संतों को ठहराया जाएगा।
सरकारी प्रस्ताव में कहा गया है कि स्वीकृत राशि में 191.21 एकड़ भूमि के अधिग्रहण के लिए देय मुआवजा तथा अधिग्रहण प्रक्रिया से जुड़े प्रशासनिक खर्च के लिए तीन करोड़ रुपये शामिल हैं।
सरकार के अनुसार नासिक विकास योजना-2017 में साधु ग्राम और उससे संबंधित उपयोगों के लिए लगभग 377 एकड़ भूमि आरक्षित की गई थी। इनमें से करीब 94 एकड़ भूमि का अधिग्रहण पहले ही किया जा चुका है, जबकि शेष भूमि को 2027 के कुंभ मेले से पहले अधिग्रहित किया जाना आवश्यक है।
प्रस्ताव में निर्देश दिया गया है कि भूमि मालिकों को देय मुआवजे का सत्यापन कर उसे तत्काल आरटीजीएस (रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट) प्रणाली के माध्यम से हस्तांतरित किया जाए।
इसमें यह भी कहा गया है कि भूमि के समयबद्ध अधिग्रहण और कब्जा सुनिश्चित करने की संयुक्त जिम्मेदारी नासिक के जिलाधिकारी और नगर निगम आयुक्त की होगी, ताकि परियोजना में किसी प्रकार की देरी न हो।
एक महत्वपूर्ण शर्त के तहत जीआर में स्पष्ट किया गया है कि साधु ग्राम भूमि अधिग्रहण परियोजना के लिए स्वीकृत धनराशि का उपयोग केवल इसी उद्देश्य के लिए किया जाएगा और इसे किसी अन्य कार्य में नहीं लगाया जा सकेगा।
आदेश में कहा गया है कि मूल राशि या उस पर अर्जित ब्याज का स्थायी अथवा अस्थायी रूप से किसी अन्य कार्य में उपयोग ''गंभीर वित्तीय अनियमितता'' माना जाएगा और इसके लिए कार्यान्वयन एजेंसी, प्राधिकरण, शहरी स्थानीय निकाय अथवा संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह एकमुश्त वित्तीय सहायता है और स्वीकृत राशि से अधिक परियोजना लागत बढ़ने की स्थिति में पूरा अतिरिक्त व्यय नासिक नगर निगम को वहन करना होगा।
जीआर में इस बात पर बल दिया गया है कि राज्य सरकार स्वीकृत राशि के अतिरिक्त कोई और अनुदान उपलब्ध नहीं कराएगी।
यह प्रस्ताव राज्य मंत्रिमंडल की अवसंरचना समिति की 22 अप्रैल को हुई बैठक में लिए गए निर्णय के अनुपालन में जारी किया गया है।
भाषा रवि कांत रंजन
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