विश्व पर्यावरण दिवस पर केरल के राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने प्रकृति संरक्षण का आह्वान किया
दिलीप
- 05 Jun 2026, 08:50 PM
- Updated: 08:50 PM
(तस्वीरों के साथ)
तिरुवनंतपुरम, पांच जून (भाषा) केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर और मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुभकामनाएं दीं और भावी पीढ़ियों के लिए प्रकृति के संरक्षण के महत्व पर जोर दिया।
राज्यपाल आर्लेकर ने सोशल मीडिया मंच 'फेसबुक' पर जारी एक संदेश में कहा कि प्रकृति जीवन को बनाए रखती है, संस्कृति को समृद्ध करती है और समुदायों को मजबूत बनाती है।
उन्होंने सभी से आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण की रक्षा और उसके संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता के नुकसान और पर्यावरण क्षरण से पैदा होने वाली चुनौतियों को देखते हुए, "पर्यावरण अनुकूल तौर-तरीकों को अपनाना और हमारे ग्रह का संरक्षक बनना" प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा, "आइए हम सब मिलकर जल संरक्षण, वनों की रक्षा, अपशिष्ट (कचरे) को कम करने और एक हरित व स्वच्छ केरल को बढ़ावा देने के लिए हाथ मिलाएं। लगाया गया हर एक पौधा, संरक्षित किया गया हर एक संसाधन और लिया गया हर एक जागरूक निर्णय एक स्वस्थ और अधिक पर्यावरण अनुकूल भविष्य में योगदान देता है। आइए मिलकर एक हरित केरल और एक बेहतर दुनिया का निर्माण करें।"
मुख्यमंत्री सतीशन ने 'फेसबुक' और 'एक्स' पर मंत्रियों के साथ पौधे लगाते हुए अपनी तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, उभरती बीमारियों और पारिस्थितिक चुनौतियों के इस दौर में "वन हेल्थ' (एक स्वास्थ्य) की अवधारणा एक वैश्विक अनिवार्यता बन गई है।"
उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, "मानव स्वास्थ्य, पशु स्वास्थ्य और पर्यावरण की भलाई आपस में गहराई से जुड़े हुए हैं। प्रकृति की रक्षा करना अब केवल एक पर्यावरणीय जिम्मेदारी नहीं रह गया है, बल्कि यह हमारे सामूहिक भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक है।"
फेसबुक पर लिखे पोस्ट में मुख्यमंत्री ने कहा, "हम पृथ्वी को उसके सभी रंगों के साथ अगली पीढ़ी को सौंपने के लिए जिम्मेदार हैं। हमें पर्यावरण संरक्षण को अपनी राजनीति का हिस्सा बनाना चाहिए। यह समानता और स्थिरता की भविष्य की राजनीति को आकार देगा। आज इसके प्रति अपनी प्रतिबद्धता की शपथ लेने का दिन है।"
राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने भी इसी तरह के विचार व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस लोगों को याद दिलाता है कि "मानवता का भविष्य प्रकृति के भविष्य से अलग नहीं है।"
भाषा सुमित दिलीप
दिलीप
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