मुझे निपाह से जुड़ी सरकारी गतिविधियों से 'किनारे' कर दिया गया: पूर्व मंत्री रियास
संतोष
- 13 Jun 2026, 05:12 PM
- Updated: 05:12 PM
कोझिकोड (केरल), 13 जून (भाषा) केरल के पूर्व मंत्री पी.ए. मोहम्मद रियास ने शनिवार को आरोप लगाया कि उन्हें जिले में निपाह से जुड़ी सरकारी गतिविधियों से "किनारे" कर दिया गया है और इसके विरोध में उन्होंने यहां स्थिति पर नजर रखने के लिए बनाए गए नियंत्रण कक्ष के बाहर प्रदर्शन किया।
बेपोर के विधायक रियास ने आरोप लगाया कि कलेक्टर समेत जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें बताया कि स्वास्थ्य मंत्री के कार्यालय ने निर्देश दिया है कि उनकी (रियास) बात सुनने या उन्हें निपाह-संबंधी गतिविधियों में शामिल करने की कोई जरूरत नहीं है।
उन्होंने संक्रमण प्रभावित इलाके को निरुद्ध क्षेत्र बनाने की सिफारिश करने के लिए नियंत्रण कक्ष पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया, जैसा कि पहले भी किया गया था।
उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी चाहिए कि प्रभावित इलाके में कितने लोगों से अधिकारियों ने संपर्क करके उनकी स्थिति का पता लगाया है।
उन्होंने दावा किया, "हम आम तौर पर प्रभावित इलाके के सभी लोगों को फोन करते हैं। हमने पिछली बार ऐसा तब किया था जब निपाह संक्रमण फैला था।"
रियास ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन और जिले के प्रभारी मंत्री ए. पी. अनिलकुमार को उस इलाके में मौजूद रहकर निगरानी करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि वामपंथी सरकार के समय तत्कालीन मुख्यमंत्री पिनारई विजयन के निर्देशों पर ऐसा किया गया था।
रियास ने कहा कि मुख्यमंत्री सतीशन को इस मामले का नेतृत्व करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि संबंधित मंत्री प्रभावित क्षेत्र में मौजूद रहें तथा राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सभी मिलकर काम करें।
उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा स्थिति में मंत्रियों को ''अनावश्यक और विवादास्पद बयान'' देने से बचना चाहिए।
वहीं, जिले के प्रभारी मंत्री ए पी अनिल कुमार ने संवाददाताओं से कहा कि इस मामले में सरकार की ओर से कोई चूक नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि निपाह वायरस से निपटने के लिए एक मजबूत व्यवस्था मौजूद है और वह प्रभावी ढंग से काम कर रही है।
हाल ही में 43 वर्षीय एक व्यक्ति में निपाह वायरस से संक्रमण की पुष्टि हुई थी और वह कोझिकोड सरकारी मेडिकल कॉलेज में उपचाराधीन है।
निपाह पशुओं से मनुष्यों में फैलने वाला वायरस है और कुछ मामलों में यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी फैल सकता है।
फल खाने वाले चमगादड़, जिन्हें 'फ्लाइंग फॉक्स' भी कहा जाता है, इस वायरस के प्राकृतिक वाहक माने जाते हैं।
यह संक्रमण गंभीर श्वसन संबंधी बीमारी और एन्सेफलाइटिस (मस्तिष्क के ऊतकों में सूजन) का कारण बन सकता है तथा इससे संक्रमण पर मृत्यु दर काफी अधिक होती है।
भाषा
राखी संतोष
संतोष
1306 1712 कोझिकोड