योगी ने सपा प्रमुख की बेटी के खिलाफ टिप्पणियों की निंदा की, सपा कार्यकर्ताओं को भी किया आगाह
राजकुमार
- 13 Jun 2026, 07:47 PM
- Updated: 07:47 PM
(तस्वीरों के साथ)
आजमगढ़ (उप्र), 13 जून (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की बेटी के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई कथित अपमानजनक टिप्पणियों की निंदा करते हुए कहा कि किसी भी बेटी के खिलाफ ऐसी टिप्पणियां अस्वीकार्य हैं और मामले में पुलिस कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यादव को दूसरों के खिलाफ टिप्पणी करने से पहले अपने पार्टी कार्यकर्ताओं पर "लगाम" लगानी चाहिए।
योगी ने 955 करोड़ रुपये से अधिक की 39 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद आजमगढ़ में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मामला उनके संज्ञान में आते ही उन्होंने पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया था।
उन्होंने कहा, "मैं हाल में देख रहा था कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव जी की बेटी के खिलाफ टिप्पणी कर रहे थे। जैसे ही यह मेरे संज्ञान में आया, मैंने तुरंत पुलिस को इसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए कहा।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए और समाज को सार्वजनिक चर्चा में गरिमा बनाए रखनी चाहिए।
उन्होंने कहा, "बेटी तो बेटी होती है। हम इन मूल्यों के साथ बड़े हुए हैं कि गांव की बेटी सबकी बेटी होती है और गांव की बहन सबकी बहन होती है। हमने कभी कोई भेदभाव नहीं किया।"
सपा मुखिया पर निशाना साधते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा, "अखिलेश जी, आप दूसरों को तो सलाह देते ही हैं, लेकिन अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं को भी भाषा संयमित रखने की सलाह दीजिए।"
उन्होंने कहा कि लोगों को दूसरों के बारे में टिप्पणी करने से पहले सोचना चाहिए और महिलाओं, बुजुर्गों, मृत व्यक्तियों एवं वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है उस पर विचार करना चाहिए।
उन्होंने (यादव के सिलसिले में) कहा, "आपको भी अपने लोगों को सिखाने की जरूरत है। बेहतर होगा कि आप उन्हें समझाएं और अगर वे नहीं समझ सकते तो उन्हें हमारे हवाले कर दें, हम उन्हें ठीक से समझा देंगे।"
यह टिप्पणी अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव के खिलाफ कथित 'ऑनलाइन ट्रोलिंग' और आपत्तिजनक टिप्पणियों के बाद समाजवादी पार्टी और संबद्ध संगठनों द्वारा की गई शिकायतों के बाद आई है। मामले को लेकर कानपुर समेत कुछ जिलों की पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है और मामला भी दर्ज कर लिया है।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर अपने संबोधन में कहा कि समाजवादी पार्टी का गढ़ माने जाने वाले आजमगढ़ को पहले "अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा था", लेकिन अब बेहतर कनेक्टिविटी और नए संस्थानों के साथ यह विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है।
योगी ने कहा कि जिन्हें जिले में बार-बार जनता का समर्थन मिला, वे ज़रूरी नहीं हैं कि उनके शुभचिंतक भी हों। उन्होंने कहा, ''जिन्होंने समाज को बांटा, उन्हें आपका समर्थन तो मिलता रहा, लेकिन वे कभी आपके सच्चे शुभचिंतक नहीं रहे।"
उनका यह इशारा साफ़ तौर पर समाजवादी पार्टी की ओर था, जिसने 2022 के विधानसभा चुनाव में आजमगढ़ की सभी 10 सीट और 2024 के चुनावों में दोनों लोकसभा सीट जीती थीं।
आदित्यनाथ ने कहा कि आजमगढ़ में 10 विधानसभा और दो लोकसभा क्षेत्र हैं, तथा "भले ही भाजपा यहां नहीं जीती, फिर भी इस उम्मीद के साथ विकास कार्य किए गए कि भविष्य में लोग तरक्की की सोच का समर्थन करेंगे।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले आजमगढ़ में कोई विश्वविद्यालय, बेहतर हवाई अड्डा सुविधाएं, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी या मुबारकपुर की ब्लैक पॉटरी और पारंपरिक साड़ियों जैसे उत्पादों के लिए कोई मंच नहीं था।
उन्होंने दावा किया, "आज, इन उत्पादों से जुड़े कारीगर कहते हैं कि 'डबल-इंजन' सरकार के तहत उनका कारोबार कई गुना बढ़ गया है।"
बुनियादी ढांचे के विकास पर ज़ोर देते हुए उन्होंने कहा कि आज़मगढ़ में अब सड़क कनेक्टिविटी बेहतर है और यहां गोरखपुर से लगभग एक घंटे में, वाराणसी से डेढ़ से दो घंटे में और लखनऊ से लगभग ढाई घंटे में पहुंचा जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जहां 2014 से पहले भारत की पहचान वैश्विक स्तर पर भ्रष्टाचार से जुड़ी थी, वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश अब आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।
महाराजा सुहेलदेव का ज़िक्र करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी विरासत आक्रमणकारियों के खिलाफ प्रतिरोध का प्रतीक है और घोषणा की कि आजमगढ़ में महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय में उनकी घोड़े पर सवार एक भव्य प्रतिमा लगाई जाएगी।
भाषा किशोर जफर आनन्द राजकुमार
राजकुमार
1306 1947 आजमगढ़