उत्तराखंड: देहरादून में भाजपा कार्यकर्ता की पीट-पीटकर हत्या, विरोध-प्रदर्शन के बाद चार लोग गिरफ्तार
राजकुमार
- 14 Jun 2026, 07:25 PM
- Updated: 07:25 PM
देहरादून, 14 जून (भाषा) उत्तराखंड में देहरादून के बैरागीवाला गांव में लोगों के एक समूह ने घर में घुसकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 44 वर्षीय स्थानीय कार्यकर्ता की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी जबकि परिवार के तीन सदस्यों गंभीर रूप से घायल कर दिया। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि इस घटना को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद अधिकारियों ने चार संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया और उनके घरों के कथित अवैध हिस्से को ढहा दिया।
दक्षिणपंथी संगठनों के सदस्यों समेत प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया और एक आरोपी के घर में तोड़फोड़ की।
पुलिस के मुताबिक, शनिवार शाम छह बजे एवं साढ़े छह बजे के बीच खेत की सिंचाई को लेकर भाजपा कार्यकर्ता विनोद का अपने ही गांव के इम्तियाज के साथ विवाद हो गया था।
पुलिस ने बताया कि विवाद के बाद लाठियों, लकड़ी के पट्टों, हथौड़ों और फावड़ों से लैस 40 से अधिक लोगों का एक समूह विनोद के घर पहुंचा और परिवार पर हमला कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, सिर पर हथौड़े से वार किए जाने के कारण विनोद की मौत हो गई।
विनोद की हत्या के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया, गुस्साई भीड़ ने सड़क जाम कर दी, जिसके कारण भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
दक्षिणपंथी संगठनों ने रविवार सुबह विरोध प्रदर्शन किया और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और अधिकारियों ने आरोपी के कथित अवैध निर्माणों (जिनमें एक दुकान और एक चारदीवारी) को गिरा दिया।
इस दौरान भीड़ 'जय श्री राम' के नारे लगा रही थी।
हालांकि, नाराज प्रदर्शनकारियों ने आरोपी के घरों को भी गिराने की मांग की और पथराव कर संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।
विकासनगर के विधायक मुन्ना सिंह चौहान गांव पहुंचे और आश्वासन दिया कि आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हत्या की निंदा करते हुए कहा, "उत्तराखंड की शांति और सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ने की कोशिश करने वाली जिहादी और हिंसक मानसिकता को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
उन्होंने भरोसा दिलाया कि कानून को चुनौती देने वालों को कड़ी सज़ा दी जाएगी ताकि ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोका जा सके।
पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच पहले से ही दुश्मनी थी और पिछले कुछ दिनों से सिंचाई के पानी को लेकर उनके बीच तीखी नोकझोंक भी हो चुकी थी।
हमले में विनोद, उसके भाई अशोक एवं राजेश और भाभी सुषमा गंभीर रूप से घायल हो गयीं।
ग्रामीण उन्हें तुरंत लेहमन अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान विनोद की मौत हो गई।
अधिकारियों ने बताया कि विनोद के भाई अशोक की शिकायत के आधार पर सहसपुर थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 103 (हत्या), 109 (हत्या का प्रयास), 191(2) और 3(5) सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस द्वारा दर्ज की गयी प्राथमिकी में 12 नामजद आरोपियों और 30-40 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है।
नामजद आरोपी रज्जाक, इम्तियाज, अमन, यूनुस, शहबाज, शराफत अली, मासूम, आदिल, शमून, सलमान, जावेद और इंतजार हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि घटना के तुरंत बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया।
उन्होंने बताया, ''पुलिस टीमों ने कई स्थानों पर छापेमारी कर रज्जाक, सलमान, जावेद और शहबाज को गिरफ्तार कर लिया। ये सभी बैरागीवाला के रहने वाले हैं।''
डोबाल ने बताया कि बाकी आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की कार्रवाई जारी है।
विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि विनोद भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता थे।
उन्होंने मीडिया से कहा कि विनोद की इतनी निर्ममता से हत्या करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
चौहान ने लोगों से शांति बनाए रखने, धैर्य रखने और निष्पक्ष जांच के लिए पुलिस पर भरोसा करने की अपील भी की।
भाषा जितेंद्र राजकुमार
राजकुमार
1406 1925 देहरादून