तीखे मोड़ के कारण लोको पायलट यात्रियों को, यात्री ट्रेन को नहीं देख पाये: मप्र रेल हादसे पर अधिकारी
अमित
- 15 Jun 2026, 01:02 PM
- Updated: 01:02 PM
मुरैना (मध्यप्रदेश), 15 जून (भाषा) मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में ट्रेन से उतरने के बाद चार यात्रियों के दूसरी ट्रेन की चपेट में आने की घटना के एक दिन बाद रेलवे अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि रेल मार्ग पर तीखे मोड़ के कारण लोको पायलट समय रहते यात्रियों को और यात्री ट्रेन को नहीं देख पाये।
अधिकारियों ने बताया कि रविवार को खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में आग लगने की झूठी अफवाह फैलने और आपातकालीन चेन खींचे जाने के बाद घबराकर ट्रेन से उतरे यात्रियों की पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आने से मौत हो गई। इनमें चार वर्षीय एक बालक और तीन महिलाएं शामिल हैं।
उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) अनिरुद्ध कुमार ने सोमवार को 'पीटीआई-भाषा' से फोन पर कहा, ''घटनास्थल पर तीखा मोड़ है। समीपवर्ती पटरी पर खड़े यात्रियों और दूसरी ओर से आ रही ट्रेन के लोको पायलट को समय रहते एक-दूसरे का पता नहीं चल सका।''
उन्होंने कहा, ''पातालकोट एक्सप्रेस के लोको पायलट ने पटरियों पर लोगों को देखकर ब्रेक लगाए थे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।''
कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही निकट गश्त कर रहा एक रेलकर्मी मौके पर पहुंचा और उसने रेलवे अधिकारियों को सूचना दी।
उन्होंने कहा कि वह रविवार को घटनास्थल पर पहुंचे, जहां उन्होंने हालात का जायजा लिया, मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी और मामले की जांच के आदेश दिए।
डीआरएम ने बताया कि जांच वरिष्ठ मंडलीय सुरक्षा अधिकारी की अगुवाई में कराई जा रही है। उन्होंने कहा, ''जांच समिति में विभिन्न विभागों के पांच-छह अधिकारी शामिल होंगे। समिति को जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है।''
कुमार ने बताया कि मृतकों के परिजनों को प्रारंभिक वित्तीय सहायता उपलब्ध करा दी गई है और उन्हें आगे भी सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा, ''हम इस पर काम कर रहे हैं।''
अधिकारी ने बताया कि यह घटना खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस (19665) में आग लगने की अफवाह फैलने के बाद हुई, जिसके चलते यात्रियों ने आपातकालीन चेन खींच दी और ट्रेन रुक गई।
उन्होंने बताया कि घबराहट में चार यात्री — तीन महिलाएं और चार वर्षीय एक बालक — ट्रेन से उतरकर बगल की पटरी पर चले गए, जहां वे पंजाब के फिरोजपुर से मध्यप्रदेश के सिवनी जा रही पातालकोट एक्सप्रेस (20424) की चपेट में आ गए।
अधिकारी ने कहा कि यात्रियों को संभवतः दूसरी ओर से आ रही ट्रेन का आभास नहीं हो सका और उसकी चपेट में आने से उनकी मौत हो गई।
यह हादसा झांसी रेल मंडल अंतर्गत मुरैना में हेतमपुर और धौलपुर स्टेशन के बीच हुआ।
अधिकारियों ने बताया कि मृतकों में दो महिलाएं और बालक आगरा के निवासी थे, जबकि तीसरी महिला बीकानेर की रहने वाली थी।
भाषा सं दिमो मनीषा अमित
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1506 1302 मुरैना