टीएमसी की काकोली दस्तीदार ने लोकसभा अध्यक्ष को लिखा पत्र, कल्याण बनर्जी को निष्कासित करने की मांग की
सुभाष
- 15 Jun 2026, 08:36 PM
- Updated: 08:36 PM
कोलकाता, 15 जून (भाषा) तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की लोकसभा में बागी गुट की नेता काकोली घोष दस्तीदार ने सदन के अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर कल्याण बनर्जी को निष्कासित करने की मांग की है।
दस्तीदार ने आरोप लगाया है कि कल्याण बनर्जी ने बार-बार मौखिक दुर्व्यवहार किया, महिलाओं के प्रति अपमानजनक टिप्पणियां कीं और संसद परिसर में अनुचित आचरण किया।
दस्तीदार ने कल्याण बनर्जी को निष्कासित करने की मांग वाला यह पत्र 28 मई को श्रीरामपुर के सांसद बनर्जी के खिलाफ की गई शिकायत के बाद लिखा है।
यह पत्र पार्टी में जारी उथल-पुथल के बीच लिखा गया है। कल्याण बनर्जी ने बागी सांसदों की आलोचना करते हुए उन्हें चुनौती दी थी कि यदि उनमें हिम्मत है तो वे भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ें।
लोकसभा अध्यक्ष से हस्तक्षेप के अनुरोध वाले पत्र में कहा गया है, "कई अवसरों पर कल्याण बनर्जी ने सदन की बैठकों और कार्यवाही के दौरान मेरे तथा अन्य महिला सदस्यों के खिलाफ आपत्तिजनक, अपमानजनक और अनुचित भाषा का इस्तेमाल किया है। ऐसा आचरण किसी सांसद को शोभा नहीं देता।"
दस्तीदार ने आरोप लगाया कि यह "आपत्तिजनक आचरण" कोई अकेली घटना नहीं, बल्कि कई बार ऐसा किया गया है।
दस्तीदार ने बनर्जी पर उनके खिलाफ व्यक्तिगत हमले करने, डराने-धमकाने और महिलाओं के प्रति अपमानजनक टिप्पणियां करने का आरोप लगाया।
दस जून को लिखे पत्र में पश्चिम बंगाल की बारासात सीट से सांसद दस्तीदार ने कहा, "ऐसा व्यवहार राजनीतिक मतभेद या संसदीय चर्चा की सीमाओं से आगे बढ़कर व्यक्तिगत दुर्व्यवहार और उत्पीड़न के दायरे में आता है। इस आचरण से न केवल मुझे व्यक्तिगत पीड़ा हुई है, बल्कि ऐसा माहौल भी बना है जो महिलाओं की संसदीय कार्यवाही में स्वतंत्र भागीदारी को हतोत्साहित करता है।"
दस्तीदार ने लोकसभा अध्यक्ष से कल्याण बनर्जी द्वारा किए गए "बार-बार के मौखिक दुर्व्यवहार और अनुचित आचरण" का संज्ञान लेने का आग्रह किया और सदन द्वारा उचित समझे जाने वाले दंडात्मक या अनुशासनात्मक कदम उठाने की अपील की, जिसमें निष्कासन भी शामिल है।
रविवार को दस्तीदार ने लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों के एक समूह का नेतृत्व किया और सदन में अलग बैठने की व्यवस्था की मांग को लेकर लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात की।
साथ ही उन्होंने इस गुट के नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में विलय की घोषणा भी की।
बिरला से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए दस्तीदार ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष को सौंपे गए पत्र पर 20 तृणमूल कांग्रेस सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं।
भाषा जोहेब सुभाष
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