बिहार सरकार ने दोहरे अर्थ और जातीय विद्वेष बढ़ाने वाले गीतों पर सख्ती की चेतावनी दी
जोहेब
- 16 Jun 2026, 10:24 PM
- Updated: 10:24 PM
पटना, 16 जून (भाषा) बिहार सरकार ने सार्वजनिक स्थानों और समारोहों में आपत्तिजनक, दोहरे अर्थ वाले तथा जातीय विद्वेष को बढ़ावा देने वाले गीतों के गायन और प्रसारण पर सख्त रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि शांति एवं सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कला एवं संस्कृति विभाग के सचिव प्रणव कुमार ने मंगलवार को गृह विभाग को पत्र लिखकर ऐसे गीतों के प्रसारण पर सख्त कार्रवाई करने का अनुरोध किया।
यह पत्र सभी जिला अधिकारियों (डीएम), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी), पुलिस अधीक्षकों (एसपी) तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को भी भेजा गया है।
पत्र में कहा गया है, ''समाज में विभाजनकारी भावनाओं को भड़काने वाले अश्लील, दोहरे अर्थ वाले और जातिवादी गीत राज्य में विभिन्न सार्वजनिक स्थानों, आयोजनों, बाजारों, वाहनों, विवाह समारोहों तथा अन्य सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में खुलेआम बजाए जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप समाज में आपसी भाईचारे और सौहार्द को बढ़ावा मिलने के बजाय अश्लीलता, हिंसक घटनाओं, परस्पर घृणा, वैमनस्य, कटुता और अशांति बढ़ रही है।''
इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बिहार के कला एवं संस्कृति मंत्री प्रमोद कुमार ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ''ऐसे गीत आम लोगों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों, के लिए असहजता पैदा करते हैं और सामाजिक एवं सांस्कृतिक वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। बिहार की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और लोक भाषाओं की गरिमा को बनाए रखना आवश्यक है। अश्लील और दोहरे अर्थ वाले गीत न केवल सामाजिक मूल्यों के विपरीत हैं, बल्कि सार्वजनिक शिष्टाचार और कानून-व्यवस्था की दृष्टि से भी अनुचित हैं।''
मंत्री ने कहा कि यह एक गंभीर और ज्वलंत सामाजिक समस्या है, जो महिलाओं, बच्चों और पूरे समाज को प्रभावित कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसे गीतों के प्रसारण और इन्हें बजाने पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कठोर कदम उठाए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा, ''राज्य के सभी जिलों की पुलिस को निर्देश दिया गया है कि सार्वजनिक कार्यक्रमों, बसों, ट्रकों और ऑटो-रिक्शा में अश्लील और भद्दे गीत बजाने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाए।''
उल्लेखनीय है कि यह मुद्दा वर्ष 2023 में बिहार विधानसभा में भी उठाया गया था। तत्कालीन कांग्रेस विधायक प्रतिमा कुमारी ने एक मार्च 2023 को विधानसभा में यह विषय उठाते हुए ऐसे गीतों को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। उस समय राज्य सरकार ने सदन को आश्वस्त किया था कि अश्लील और दोहरे अर्थ वाले गीतों को प्रोत्साहित करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भाषा कैलाश जोहेब
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