प्रधानमंत्री आवास योजना में 'वित्तीय अनियमितताओं' में बंगाल के पूर्व मंत्री उदयन गुहा गिरफ्तार
नेत्रपाल
- 17 Jun 2026, 07:03 PM
- Updated: 07:03 PM
(फाइल फोटो के साथ)
कोलकाता, 17 जून (भाषा) प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ी ''वित्तीय अनियमितताओं'' में कथित संलिप्तता को लेकर बुधवार को पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उदयन गुहा को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि गुहा को यहां फूलबागान क्षेत्र में एक अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया गया जहां वह 2026 के विधानसभा चुनाव में दिनहाटा निर्वाचन क्षेत्र से हार जाने के बाद से रह रहे थे।
वह कूच बिहार जिले के नेता हैं तथा पिछले ममता बनर्जी मंत्रिमंडल में उत्तर बंगाल विकास मामलों के मंत्री थे।
कूच बिहार जिला पुलिस के एक अधिकारी ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ''पूर्व मंत्री के खिलाफ प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं में शामिल होने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई गई थी। उनके ख़िलाफ अन्य मामले भी हैं और उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।''
उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता का आरोप है कि गुहा 2016 से ही इस योजना के लिए आवंटित पैसे की हेराफेरी करते रहे हैं।
अधिकारी ने कहा कि गुहा के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक साजिश समेत बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
गुहा पर 2021 में चुनाव बाद हुई हिंसा से जुड़े आरोप भी हैं।
अधिकारी ने कहा कि गुहा को पहले फूलबागान थाने ले जाया गया, जहां शुरुआती पूछताछ और गिरफ्तारी की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें सड़क मार्ग से कूच बिहार ले जाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री को कल अदालत में पेश किया जाएगा।
गुहा ने कूच बिहार जाते समय रास्ते में पत्रकारों से कहा, ''मुझे नहीं पता कि पुलिस ने मुझे क्यों गिरफ़्तार किया है। इस कार्रवाई की वजह पुलिस ही बेहतर बता पाएगी।''
दिनहाहटा थाने में गुहा के ख़िलाफ़ शिकायत करने वाले व्यक्ति ने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल नेता ने 2021 में यह दावा करते हुए स्थानीय व्यापारियों, सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों से पैसे इकट्ठा किए थे कि इसका इस्तेमाल बच्चों की देखभाल से जुड़ी एक पहल के लिए किया जाएगा।
अपने आप को व्यवसायी बताने वाले इस शिकायतकर्ता ने कहा, ''गुहा ने उस परियोजना के लिए लगभग 30-35 करोड़ रुपये जुटाए, लेकिन जो करने का वादा किया था, उसका पांच प्रतिशत से ज़्यादा कभी पूरा नहीं किया।''
इस व्यवसायी ने बताया कि उसने 12 जून को गुहा के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायतकर्ता कहा, ''मुझसे गुहा की परियोजना के लिए जबरन 25,000 रुपये का दान लिया गया, लेकिन बाद में उनके लोगों ने मुझे सिर्फ़ 10,000 रुपये की रसीद दी। जब मैंने थाने में इसकी शिकायत करने की कोशिश की, तो उन्होंने मुझे पकड़ लिया और गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दी। अब जब उनकी पार्टी सत्ता से बाहर हो गई है, तो मैंने उनके ख़िलाफ़ नयी शिकायत दर्ज कराने की हिम्मत जुटाई है।''
गुहा फॉरवर्ड ब्लॉक से तृणमूल में शामिल हुए थे। उन्होंने 2011 से 2021 तक दिनहाटा सीट का प्रतिनिधित्व किया था। उन्होंने 1.64 लाख से अधिक मतों के अंतर से इसी निर्वाचन क्षेत्र से 2021 का उपचुनाव भी जीता था।
लेकिन, 2026 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के अजय राय ने उन्हें 17,000 से ज़्यादा मतों से हरा दिया।
चार मई को चुनाव नतीजों के बाद शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद, गुहा बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली सरकार के चौथे ऐसे मंत्री हैं जिन्हें गिरफ़्तार किया गया है।
उनसे पहले पूर्व अग्निशमन मंत्री सुजीत बोस को कथित नगर निकाय भर्ती घोटाले के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया। पूर्व जेल सुधार मंत्री उज्ज्वल विश्वास को राहत सामग्री की हेराफेरी के आरोप में पकड़ा गया। पूर्व परिवहन मंत्री दिलीप मंडल को एक जनसभा में भाजपा कार्यकर्ताओं को धमकी देने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया।
तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सौगत रॉय ने गुहा की गिरफ़्तारी पर कहा कि वह मौजूदा भाजपा सरकार की ''बदले की भावना'' की संभावना से इनकार नहीं करते।
भाषा राजकुमार नेत्रपाल
नेत्रपाल
1706 1903 कोलकाता