भारत-ब्रिटेन एफटीए 15 जुलाई से लागू होगा, व्यापार एवं निवेश को मिलेगा बढ़ावाः मोदी एवं स्टार्मर
अजय
- 17 Jun 2026, 10:12 PM
- Updated: 10:12 PM
एवियॉन (फ्रांस), 17 जून (भाषा) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटिश प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर ने दोनों देशों के बीच हुए व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (सीईटीए) के 15 जुलाई, 2026 से लागू होने की बुधवार को घोषणा की।
फ्रांस के एवियॉन शहर में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के इतर दोनों नेताओं की बैठक के एक दिन बाद यह घोषणा की गई। यह समझौता लगभग एक साल पहले जुलाई, 2025 में मोदी की लंदन यात्रा के दौरान किया गया था।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह समझौता भारत-ब्रिटेन संबंधों के लिए 'ऐतिहासिक मील का पत्थर' है और इससे द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि यह करार किसानों, श्रमिकों, सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई), स्टार्टअप और नवाचार क्षेत्र के लिए नए अवसर पैदा करेगा।
ब्रिटिश सरकार की तरफ से जारी विवरण के अनुसार, समझौते में व्हिस्की पर शुल्क 150 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत किया जाएगा, जबकि वाहनों पर शुल्क को कोटा व्यवस्था के तहत 100 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किया जाएगा। सौंदर्य प्रसाधनों पर 22 प्रतिशत तक के शुल्क तत्काल या चरणबद्ध ढंग से हटाए जाएंगे।
ब्रिटेन के मुताबिक, यह समझौता दीर्घावधि में उसके सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 4.8 अरब पाउंड और भारत की जीडीपी में 5.1 अरब पाउंड की वृद्धि कर सकता है, जबकि द्विपक्षीय व्यापार में हर साल 25.5 अरब पाउंड की बढ़ोतरी होने का अनुमान है।
समझौते के तहत ब्रिटेन कपड़े, जूते एवं कुछ खाद्य उत्पादों जैसे भारतीय सामान पर शुल्क कम करेगा, जिससे आयात लागत घटने और उपभोक्ताओं को अधिक विकल्प मिलने की संभावना है।
ब्रिटेन के व्यापार एवं व्यवसाय मंत्री पीटर काइल ने कहा "हम भारत के साथ इस महत्वपूर्ण व्यापार समझौते को जल्द से जल्द लागू कर रहे हैं ताकि दोनों देशों के कारोबारियों को 99 प्रतिशत ब्रिटिश शुल्क और 90 प्रतिशत भारतीय शुल्क को उदार बनाने का तत्काल लाभ मिल सके।"
उन्होंने कहा, "हम चाहते हैं कि दोनों देशों के व्यवसाय जल्द से जल्द इसके लाभ उठाएं और एक-दूसरे के बाजार में प्रवेश के लिए तैयार रहें।"
ब्रिटिश पक्ष के मुताबिक, व्यापार समझौते के तहत भारत में काम करने वाले ब्रिटिश नागरिकों के लिए 'यूके स्टेट पेंशन' के लिए पात्रता अवधि 36 महीने से बढ़ाकर 60 महीने कर दी गई है। इस दौरान उन्हें ब्रिटेन में नेशनल इंश्योरेंस अंशदान देना होगा और भारत में सामाजिक सुरक्षा अंशदान से छूट मिलेगी। यह प्रावधान दोनों देशों के पेशेवरों पर पारस्परिक रूप से लागू होगा।
भाषा प्रेम
प्रेम अजय
अजय
1706 2212 एवियॉन