बीकानेर के अस्पताल में एक और प्रसूता की मौत, परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप
शफीक
- 21 Jun 2026, 11:06 PM
- Updated: 11:06 PM
जयपुर, 21 जून (भाषा) बीकानेर जिले के प्रिंस बिजय सिंह मेमोरियल (पीबीएम) अस्पताल में रविवार को एक और प्रसूता की मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है।
जानकारी मिलने पर कांग्रेस नेता अस्पताल पहुंचे और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की।
इससे पहले किडनी बीमारी से ग्रसित प्रसूता प्रीति की भी मौत हो गई थी।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, रामपुरा बस्ती गली नंबर-1 निवासी शारदा पत्नी राकेश नायक को तीन जून को भर्ती कराया गया था। चार जून को ऑपरेशन के जरिये प्रसव कराया गया था। इसके बाद उनकी किडनी में संक्रमण की शिकायत सामने आई।
अस्पताल के मुताबिक, स्थिति गंभीर होने पर शारदा को पांच जून को आईसीयू में भर्ती किया गया। एक सप्ताह से वह वेंटीलेटर सपोर्ट पर थीं। रविवार को प्रसूता की स्थिति गंभीर हो गई और शाम को उनकी मौत हो गई।
शारदा के पिता हीरालाल नायक ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाया।
हीरालाल ने कहा, ''हमें मुआवजा नहीं चाहिए। जिन चिकित्सकों की गलती है उन्हें कठोर सजा होनी चाहिए।''
उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन बेटी की मौत का सही कारण नहीं बता रहा है और अस्पताल की ओर से अभी तक कोई भी मिलने नहीं आया है।
अस्पताल अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया के अनुसार, मरीज के इलाज के लिए हरसंभव प्रयास किए गए थे। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया पाया गया है कि प्रसूता के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था जो संभवत: महिला की मौत का कारण बना।
उन्होंने कहा कि किडनी के बाद अन्य अंगों ने भी काम करना बंद कर दिया, इस कारण महिला को ऑक्सीजन सपोर्ट देने की कोशिश की जा रही थी।
शारदा की मौत की जानकारी मिलने पर कांग्रेस नेता मुर्दाघर के सामने धरने पर बैठ गए। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के अध्यक्ष श्रीकृष्ण गोदारा तथा कांग्रेस नेता भंवर कूंकणा मौके पर पहुंच गए। कांग्रेस नेताओं ने पीड़ित पक्ष को मुआवजा दिलाने एवं पति राकेश को संविदा पर नौकरी देने की मांग रखी।
गौरतलब है कि पीबीएम अस्पताल में गत एक माह में छह प्रसूताओं में किडनी संक्रमण की शिकायत सामने आई थी। इस मामले में अस्पताल की लापरवाही सामने आने पर चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र खींवसर ने भी अस्पताल का दौरा किया था।
जोधपुर से आए छह चिकित्सकों की टीम ने मामले की गहराई से जांच की थी। छह में से दो प्रसूताओं की मौत हो चुकी है। दो अन्य प्रसूताएं - इमरती व कमला इस समय अस्पताल में भर्ती हैं।
भाषा बाकोलिया शफीक
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