रेमंड लाइफस्टाइल को मुक्त व्यापार समझौते से ब्रिटेन के फैशन बाजार में विस्तार की उम्मीद
अजय
- 23 Jun 2026, 05:11 PM
- Updated: 05:11 PM
नयी दिल्ली, 23 जून (भाषा) रेमंड लाइफस्टाइल लिमिटेड के कार्यकारी चेयरमैन गौतम हरि सिंघानिया ने कहा कि कंपनी को भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से दुनिया के सबसे परिष्कृत फैशन बाजारों में से एक ब्रिटेन में अपनी पकड़ मजबूत करने का मौका मिलेगा।
वित्त वर्ष 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वैश्विक वस्त्र एवं परिधान उद्योग को बदलते व्यापार परिदृश्य और शुल्क पुनर्संतुलन जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन कंपनी बदलती जीवनशैली और बाजार विस्तार पर आधारित दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा, '' हम अपनी सीमाओं से आगे बढ़ते हुए रेमंड को एक मजबूत वैश्विक भविष्य के लिए तैयार कर रहे हैं।''
सिंघानिया ने कहा, '' भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता हमारी वैश्विक महत्वाकांक्षाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत करता है। यह समझौता ऐसा मंच तैयार करता है जहां ब्रिटिश दर्जी परंपरा और भारतीय विनिर्माण उत्कृष्टता का संगम होगा, जिससे हम दुनिया के सबसे परिष्कृत फैशन बाजारों में अपनी जगह बना सकेंगे।''
उन्होंने कहा, '' हम वैश्विक फैशन क्षेत्र में केवल भागीदार के रूप में नहीं, बल्कि उसे दिशा देने वाले अग्रणी की भूमिका में हैं।''
भविष्य की रणनीति पर उन्होंने कहा कि कंपनी का दृष्टिकोण जीवनशैली विकास और बाजार विस्तार पर आधारित है।
वैश्विक भू-राजनीतिक बदलावों और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने की दिशा में कंपनियों के प्रयासों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत एक पसंदीदा विनिर्माण केंद्र के रूप में उभर रहा है।
उन्होंने कहा, '' चीन-प्लस-वन रणनीति तेजी से व्यावहारिक रूप ले रही है। विशाल विनिर्माण आधार, इंजीनियरिंग प्रतिभा और लोकतांत्रिक व्यवस्था के कारण भारत बड़े पैमाने पर सबसे विश्वसनीय विकल्प बनकर उभर रहा है।''
'चीन-प्लस-वन' एक व्यावसायिक एवं आपूर्ति श्रृंखला रणनीति है। इसके तहत वैश्विक कंपनियां केवल चीन पर निर्भर रहने के बजाय अन्य विकासशील देशों में भी अपने विनिर्माण कारखाने स्थापित करती हैं ताकि किसी एक देश पर निर्भरता का जोखिम कम किया जा सके।
उन्होंने कहा कि भारत की उत्पादन संबंधी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाएं, राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन और भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते जैसे द्विपक्षीय समझौते देश को उभरती विनिर्माण महाशक्ति के रूप में स्थापित कर रहे हैं।
सिंघानिया ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में वैश्विक वस्त्र एवं परिधान उद्योग को चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन भारत की मजबूत घरेलू खपत ने कंपनी की वृद्धि को सहारा दिया।
भाषा निहारिका अजय
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