श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कामकाज में नौकरशाह को शामिल नहीं किया जाए:साधु-संत
राजकुमार
- 27 Jun 2026, 11:40 PM
- Updated: 11:40 PM
अयोध्या (उप्र), 27 जून (भाषा) अयोध्या के साधु-संतों ने शनिवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कामकाज में किसी भी नौकरशाह को शामिल नहीं करने का आह्वान किया।
शनिवार को यहां एक सभा में अयोध्या स्थित वरिष्ठ संत साधु मिथिलेश नंदिनी शरण ने कहा,''भ्रष्टाचार की सबसे बड़ी स्थापना नौकरशाही है। इसलिए, इस स्थापना से जुड़े किसी भी व्यक्ति को राम मंदिर ट्रस्ट में प्रवेश नहीं करना चाहिए।''
उन्होंने कहा, ''(प्रधानमंत्री) नरेंद्र मोदी और (उप्र के मुख्यमंत्री) योगी आदित्यनाथ को इस बात का संज्ञान लेना चाहिए कि राम मंदिर ट्रस्ट में विभिन्न संप्रदायों के संतों का प्रतिनिधित्व होना चाहिए। ट्रस्ट के सीईओ के रूप में किसी नौकरशाह को नियुक्त करना एक बुद्धिमान निर्णय नहीं होगा, क्योंकि इससे संतों की भावनाएं आहत होंगी।''
मिथिलेश नंदिनी शरण के आह्वान का समर्थन करते हुए, अयोध्या के एक अन्य संत, महंत धर्म दास ने संवाददाताओं से कहा,''राम मंदिर ट्रस्ट को संतों द्वारा चलाया जाना चाहिए। हम धार्मिक मामलों में नौकरशाही के प्रवेश को बर्दाश्त नहीं करेंगे।''
महंत धर्म दास ने 1950 से राम मंदिर के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी।
चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे के संबंध में पूछे जाने पर, अयोध्या विवाद मामले में पूर्व हिंदू वादी महंत धर्म दास ने 'पीटीआई-वीडियो' से कहा,''गोविंद गिरि कौन हैं? उन्होंने ऐसा क्या किया है कि उन्हें (राम मंदिर) ट्रस्ट में रखा गया है? ये सभी ट्रस्ट भ्रष्ट हैं ।''
यह पूछे जाने पर कि इसका संभावित समाधान क्या हो सकता है, महंत धर्म दास ने कहा, ''मंदिर में अच्छी और पवित्र व्यवस्था की जानी चाहिए। सारा काम 'साधुओं' द्वारा संभाला जाना चाहिए। मंदिर का काम 'गृहस्थ' लोगों द्वारा नहीं संभाला जाना चाहिए। 'साधु' मंदिर का काम करेगा और एक पैसे की भी चोरी नहीं होगी।''
अयोध्या में तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने 'पीटीआई- वीडियो' से कहा, ''मेरा मानना है कि चंपत राय ईमानदार हैं। उन्हें (मंदिर ट्रस्ट में) बरकरार रखा जाना चाहिए।''
उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि कई टीमें गठित की गईं और जांच में चंपत राय को पूरी तरह से निर्दोष पाया गया।
उन्होंने एक रुपये का भी दुरुपयोग नहीं किया है. इसलिए अयोध्या और पूरे देश के सभी साधु-संत चाहते हैं कि चंपत राय अपने पद पर बने रहें ।
साकेत भवन के पीठाधीश्वर सीता राम दास ने 'पीटीआई-वीडियो' से कहा, ''कोषाध्यक्ष (गोविंद देव गिरि) को खुद इस्तीफा दे देना चाहिए, क्योंकि सारी जिम्मेदारी उन्हीं पर है। राम लला को दिए गए दान का गबन निंदनीय है।''
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और इसके सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। ट्रस्ट ने शनिवार को कहा और आश्वासन दिया कि राम मंदिर दान से संबंधित आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि ट्रस्ट को दो इस्तीफे मिले हैं और वह अपनी अगली बैठक में उन पर फैसला करेगा।
गिरि ने कहा कि ट्रस्टी घटनाक्रम से "स्तब्ध" हैं और यह सुनिश्चित करने के लिए कर्तव्यबद्ध हैं कि निष्पक्ष जांच हो और भक्तों का विश्वास बहाल हो।
भाषा सं जफर राजकुमार
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