रोहित पवार ने कृषि कर्ज माफी मुद्दे पर विरोध-प्रदर्शन शुरू किया, महाराष्ट्र सरकार पर विश्वासघात का आरोप लगाया
संतोष
- 29 Jun 2026, 12:37 PM
- Updated: 12:37 PM
छत्रपति संभाजीनगर, 29 जून (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता रोहित पवार ने सोमवार को यहां विरोध-प्रदर्शन शुरू करते हुए महाराष्ट्र सरकार पर नए कृषि ऋण माफी योजना को लेकर वादे के मुताबिक संवाद न करके किसानों के साथ ''विश्वासघात'' करने का आरोप लगाया।
छत्रपति संभाजीनगर में प्रदर्शन से पहले पत्रकारों से बातचीत में पवार ने आरोप लगाया कि सरकार भारी पुलिस बल तैनात कर आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा हुआ तो 'जेल भरो आंदोलन' शुरू किया जाएगा।
इसी महीने की शुरुआत में विपक्षी दल के नेता रोहित पवार ने सोलापुर जिले के पंढरपुर में राज्य सरकार की 'पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना' में लागू ''कड़े'' प्रावधानों को हटाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी।
बाद में सरकार की ओर से मुद्दों पर बैठक का आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने अपना अनशन समाप्त कर दिया था।
करजत-जामखेड़ से विधायक पवार ने कहा कि पंढरपुर का आंदोलन तब स्थगित किया गया था, जब राज्य के मंत्री गिरीश महाजन ने किसानों को भरोसा दिलाया था कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस विधानसभा के मानसून सत्र से पहले उनकी मांगों पर चर्चा के लिए बैठक बुलाएंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक कोई बैठक नहीं हुई और सरकार ने विश्वासघात किया है।
गौरतलब है कि दो जून को महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने 36,585 करोड़ रुपये की कृषि ऋण माफी योजना को मंजूरी दी थी, जिससे लगभग 56 लाख किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
रोहित पवार किसानों के लिए संपूर्ण ऋण माफी की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन स्थल पर दंगा नियंत्रण बल सहित लगभग 1,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है और आशंका जतायी कि सरकार आंदोलन को कुचलने की कोशिश कर सकती है।
पवार ने कहा कि यह आंदोलन राजनीतिक नहीं है और आगे की रणनीति किसानों से चर्चा के बाद तय की जाएगी।
पवार ने दोहराया कि ऋण माफी योजना में लगाए गए सभी प्रतिबंधात्मक प्रावधान हटाए जाएं और पात्र किसानों को बिना किसी शर्त के पूर्ण ऋण माफी दी जाए।
'पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना' के तहत किसानों को अधिकतम दो लाख रुपये तक की कृषि ऋण माफी का प्रावधान है।
योजना के तीन घटक हैं- ऋण माफी, एकमुश्त समझौता और प्रोत्साहन लाभ। पात्रता के लिए भूमि स्वामित्व की कोई सीमा निर्धारित नहीं की गई है।
योजना के ऋण माफी घटक के तहत जिन किसानों पर मूलधन और ब्याज सहित अल्पकालिक फसल ऋण की कुल बकाया राशि दो लाख रुपये तक है, उन्हें पूरा कर्ज माफ किया जाएगा। इसके लिए ऋण एक अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2025 के बीच वितरित हुआ होना चाहिए, 30 सितंबर 2025 तक बकाया होना चाहिए और 31 मार्च 2026 तक उसका भुगतान नहीं किया गया होना चाहिए।
जिन किसानों पर दो लाख रुपये से अधिक का बकाया है, उन्हें एकमुश्त समझौता (ओटीएस) के दायरे में रखा जाएगा। ऐसे किसानों को पहले दो लाख रुपये से अधिक की राशि स्वयं जमा करनी होगी, जिसके बाद वे दो लाख रुपये तक की ऋण माफी के पात्र होंगे। इसके लिए उन्हें 31 मार्च 2027 तक अपनी हिस्सेदारी की बकाया राशि जमा करने का समय दिया गया है।
भाषा गोला संतोष
संतोष
2906 1237 छत्रपति संभाजीनगर