कॉजपा के प्रदर्शन का 23वां दिन : भूख हड़ताल के 15वें दिन वांगचुक की सेहत बिगड़ी
नरेश
- 12 Jul 2026, 10:32 PM
- Updated: 10:32 PM
नयी दिल्ली, 12 जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 15वें दिन रविवार को शिक्षाविद एवं जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सेहत और बिगड़ गई तथा चिकित्सकों ने कहा कि उनका रक्तचाप और गिर गया है तथा उनका वजन 7.8 किलोग्राम घट गया है।
परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर यहां जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (कॉजपा) का विरोध-प्रदर्शन रविवार को 23वें दिन जारी रहा।
प्रदर्शन स्थल पर समाजवादी पार्टी के सांसद पुष्पेंद्र सरोज, केरल की पूर्व स्वास्थ्य मंत्री के. के. शैलजा ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। पूर्व मंत्री के.एल. बालगोपाल और पी. राजीव ने भी आंदोलन का समर्थन किया।
कॉजपा की ओर से जारी स्वास्थ्य सूचना के मुताबिक, भूख हड़ताल शुरू होने के बाद से वांगचुक का रक्तचाप गिरकर 104/66 एमएम एचजी (मिलीमीटर इन मर्करी) हो गया है, जबकि उनका वजन 7.8 किलोग्राम घट गया।
कॉजपा संस्थापक अभिजीत दीपके ने 'एक्स' पर लिखा, ''सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का 15वां दिन। सरकार कब जागेगी?''
सभा को संबोधित करते हुए शैलजा ने कहा, ''हम सभी यहां कॉजपा द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन के प्रति एकजुटता व्यक्त करने आए हैं। यह आंदोलन एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर है। हम परीक्षाओं में जवाबदेही चाहते हैं। हम अपने देश में एक निष्पक्ष प्रवेश परीक्षा प्रणाली चाहते हैं।''
उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्रालय की जानकारी के बिना बार-बार पेपर लीक नहीं हो सकते थे और उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की प्रदर्शनकारियों की मांग का समर्थन किया।
उन्होंने कहा, ''यह एक बड़ा घोटाला है। वे प्रश्नपत्र लीक करके हमारे छात्रों के भविष्य का सौदा कर रहे हैं। इस मुद्दे पर बीस छात्र आत्महत्या कर चुके हैं। केंद्र सरकार को उनके परिवारों को मुआवजा देना चाहिए और भविष्य में एक निष्पक्ष और जवाबदेह परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करनी चाहिए।''
कॉजपा ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि लोकसभा के सबसे युवा सदस्यों में से एक, सरोज लगातार पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों की आवाज को बुलंद करने के लिए' जंतर-मंतर पहुंचे।
दीपके ने 'एक्स' पर एक अन्य पोस्ट में विरोध स्थल पर जुटी भीड़ की एक तस्वीर साझा की और लिखा, ''तेईसवें दिन जंतर-मंतर पूरी तरह से खचाखच भरा हुआ है।''
इस बीच, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी लेनिनवादी) लिबरेशन से जुड़े 'ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन' (आइसा) के सदस्यों -नेहा, मनीष, दीपक कुमार वर्मा और आमीन- ने विरोध स्थल पर एक अलग मंच पर अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखी।
वांगचुक ने शनिवार को लोगों से दूसरों में नायक न खोजने की अपील की थी और कहा था कि वह 'सिर्फ़ एक आम नागरिक' हैं, न कि 'आधुनिक गांधी' या कोई नायक।
उन्होंने 'एक्स' पर वीडियो डालकर कहा था, ''कृपया किसी और में नायक न ढूंढें। अपनी ज़िंदगी के नायक खुद बनें। एक नागरिक के तौर पर अपनी ज़िम्मेदारियां निभाएं।''
उन्होंने लोगों से 20 जुलाई को संसद तक प्रस्तावित मार्च में शामिल होने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि नागरिकों को एकजुट होकर सांसदों से परीक्षा में कथित गड़बड़ियों से जुड़े मुद्दों पर गौर करने के लिए कहना चाहिए।
कॉकरोच जनता पार्टी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े और परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के कारण आत्महत्या करने वाले विद्यार्थियों के परिवारों के लिए एक-एक करोड़ रुपये के मुआवज़े की मांग कर रही है।
भाषा सुरेश नरेश
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