छात्राओं में साइबर सुरक्षा और जागरूकता बढ़ाने के लिए डीयू ने आई4सी के साथ समझौता किया
वैभव
- 13 Jul 2026, 07:22 PM
- Updated: 07:22 PM
नयी दिल्ली, 13 जुलाई (भाषा) दिल्ली विश्वविद्यालय ने परिसर में साइबर जागरूकता और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सोमवार को भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) के साथ एक समझौता किया।
यह कदम विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की छात्राओं के डिजिटल उत्पीड़न और ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार होने की घटनाओं को देखते हुए उठाया गया है।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव विकास गुप्ता ने कहा, "हमने ऐसे मामले देखे हैं, जिनमें छात्राएं, खासकर कमजोर वर्गों से आने वाली छात्राओं के साथ डिजिटल उत्पीड़न और डिजिटल धोखाधड़ी होती हैं। एक छोटी सी गलती भी बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है। इन्हीं मुद्दों को ध्यान में रखते हुए हमने यह समझौता किया है।"
अधिकारियों ने बताया कि गृह मंत्रालय के अधीन आने वाले आई4सी के निदेशक निशांत कुमार और गुप्ता ने इस समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। अधिकारियों ने बताया कि इसका उद्देश्य साइबर अपराध रोकथाम, साइबर स्वच्छता, साइबर जागरूकता, क्षमता निर्माण, शैक्षणिक सहयोग, शोध, इंटर्नशिप और छात्रों की भागीदारी को बढ़ावा देना है।
कुमार ने कहा कि यह साझेदारी जागरूकता कार्यक्रमों, कार्यशालाओं, सेमिनार, हैकाथॉन, छात्र प्रतियोगिताओं, इंटर्नशिप, साइबर स्वयंसेवक कार्यक्रमों और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा अधिसूचित साइबर सुरक्षा पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देने जैसी संयुक्त पहलों के माध्यम से साइबर-जागरूक शैक्षणिक माहौल तैयार करने का प्रयास करेगी।
उन्होंने कहा कि यह सहयोग ज्ञान साझा करने में भी मदद करेगा और साइबर सुरक्षा शिक्षा तथा डिजिटल क्षमता को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षण संस्थानों और सरकार के बीच समन्वय को मजबूत करेगा।
दिल्ली विश्वविद्यालय कंप्यूटर केंद्र के निदेशक संजीव सिंह ने कहा कि इस साझेदारी में अनुभव आधारित सीखने के अवसर, साइबर स्वयंसेवक कार्यक्रम और यूजीसी द्वारा अधिसूचित साइबर सुरक्षा एवं साइबर जागरूकता पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देना और उनका प्रसार करना शामिल होगा।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय और आई4सी साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में नवाचार, ज्ञान के आदान-प्रदान और संस्थागत सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भी मिलकर काम करेंगे।
एमओयू हस्ताक्षर समारोह में डीयू की अकादमिक मामलों की डीन के. रत्नाबली और दिल्ली विश्वविद्यालय तथा आई4सी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
भाषा अमित वैभव
वैभव
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