केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री मोदी को तीन देशों की सफल यात्रा के लिए बधाई दी
माधव
- 15 Jul 2026, 09:30 PM
- Updated: 09:30 PM
नयी दिल्ली, 15 जुलाई (भाषा) केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को तीन देशों की उनकी सफल यात्रा के लिए बुधवार को बधाई दी और कहा कि इससे इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया तथा न्यूजीलैंड के साथ भारत के संबंध और मजबूत हुए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी के पिछले सप्ताहांत स्वदेश लौटने के बाद हुई पहली मंत्रिमंडल बैठक के दौरान मंत्रियों ने वैश्विक स्तर पर भारत की छवि को बेहतर बनाने के लिए उनकी (मोदी) सराहना की।
सूत्रों ने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बैठक में प्रधानमंत्री की तीन देशों की यात्रा की सराहना करते हुए एक प्रस्ताव पेश किया, जिसे तालियां बजाकर सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई।
उन्होंने बताया कि मंत्रियों ने कहा कि इस यात्रा से इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के साथ भारत के संबंध और मजबूत हुए हैं।
मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान असैन्य परमाणु ऊर्जा से जुड़े एक समझौते पर दो साल से ज्यादा समय तक चली बातचीत के बाद मुहर लगी, जिसका मकसद ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम की व्यावसायिक आपूर्ति को आसान बनाना है, ताकि नयी दिल्ली की परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के लिए ईंधन मिल सके। यह समझौता दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक असैन्य परमाणु सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर होने के करीब 12 साल बाद हुआ।
इसके अलावा, भारत और ऑस्ट्रेलिया ने व्यापार एवं निवेश संबंधों को और मजबूत करने के लिए प्रस्तावित व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते और द्विपक्षीय निवेश सुरक्षा ढांचे को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने की दिशा में काम करने का फैसला किया।
दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच शिखर वार्ता के बाद 18 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए, जिनमें रक्षा और सुरक्षा सहयोग पर संयुक्त घोषणा, समुद्री सुरक्षा सहयोग की रूपरेखा, ऊर्जा सुरक्षा पर संयुक्त बयान और साइबर, अहम प्रौद्योगिकियों एवं आपूर्ति शृंखला के लिए साझेदारी शामिल थी।
मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के बाद न्यूजीलैंड का दौरा किया, जो 40 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की देश की पहली यात्रा थी। वहां उन्होंने प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के साथ शिखर वार्ता की। इस दौरान, दोनों नेताओं ने शांतिपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र सुनिश्चित करने में द्विपक्षीय साझेदारी की अहम भूमिका को रेखांकित किया।
मोदी और अल्बनीज ने रक्षा संबंधों को बड़े पैमाने पर बढ़ाने पर भी जोर दिया, खासकर समुद्री क्षेत्र में।
भाषा पारुल माधव
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