वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल में चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया
पवनेश
- 18 Jul 2026, 04:24 PM
- Updated: 04:24 PM
(फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, 18 जुलाई (भाषा) जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन अनशन के 21वें दिन शनिवार को सफरदजंग अस्पताल में भर्ती कराये गये सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है और चिकित्सकों ने उनके परिवार को सलाह दी है कि वे बिना किसी और देरी के इलाज शुरू करने की अनुमति दें। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
उनके अस्पताल में भर्ती होने के कुछ समय बाद, वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने अस्पताल से अनुरोध किया कि उनकी सहमति के बिना कोई भी इलाज न किया जाये और उन्होंने उन्हें छुट्टी देने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी चिकित्सा देखभाल में पारदर्शिता की कमी है।
एक सूत्र ने कहा, ''लंबे समय तक चले अनशन के बाद सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल में कड़ी चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। चिकित्सकों ने निर्जलीकरण, पोटेशियम के निम्न स्तर और कीटोन का स्तर बढ़ा हुआ पाया गया है। अनशन के दौरान कीटोन का स्तर बढ़ सकता है, लेकिन जब यह स्तर काफी अधिक हो जाये और साथ में निर्जलीकरण भी हो, तो यह गुर्दों तथा शरीर की अन्य चयापचय संबंधी जटिलताओं के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।''
सूत्र ने कहा, ''अस्पताल प्रशासन परिवार को लगातार यह समझाने का प्रयास कर रहा है कि बिना और देरी किए उपचार शुरू करने की अनुमति दी जाए।''
वांगचुक को अनशन के 21वें दिन तबीयत बिगड़ने के बाद सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। दिल्ली पुलिस ने कहा कि चिकित्सकीय सलाह और उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप वांगचुक को अस्पताल ले जाया गया।
सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक को लिखे गए दो पत्रों में आंग्मो ने स्पष्ट किया है कि उनकी अनुमति के बिना वांगचुक को न तो कोई दवा दी जाए और न ही नस के माध्यम से कोई दवा या तरल पदार्थ चढ़ाया जाए।
एक अन्य पत्र में उन्होंने पारदर्शिता की कमी और अस्पताल पर भरोसा नहीं होने का हवाला देते हुए वांगचुक को अस्पताल से छुट्टी देकर परिवार की पसंद के अस्पताल में स्थानांतरित करने की अनुमति मांगी।
उन्होंने दावा किया कि वांगचुक ''बिल्कुल ठीक'' हैं, लेकिन सफदरजंग अस्पताल ने बार-बार अनुरोध किए जाने के बावजूद चिकित्सा रिपोर्टों की प्रतियां साझा करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि 20 जुलाई को संसद की ओर प्रस्तावित मार्च में उनकी (वांगचुक की) भागीदारी होगी।
वांगचुक राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में कथित अनियमितताओं और इस विवाद से जुड़े विद्यार्थियों की मौतों के मामलों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेतृत्व में जारी विरोध प्रदर्शन के समर्थन में 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।
पिछले तीन सप्ताह के दौरान उनके स्वास्थ्य में लगातार गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को चिकित्सकों ने बताया था कि भूख हड़ताल शुरू होने के बाद से उनका वजन करीब 9.5 किलोग्राम घट गया है। साथ ही उनके रक्तचाप और रक्त शर्करा के स्तर की लगातार निगरानी की जा रही है।
वांगचुक ने शुक्रवार रात कहा था कि बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति के बावजूद वह अपना अनशन जारी रखने के लिए दृढ़ हैं।
भाषा
देवेंद्र पवनेश
पवनेश
1807 1624 दिल्ली