उत्तराखंड में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत, भारी बारिश के मद्देनजर कई जिलों में अलर्ट
दीप्ति रवि कांत
- 19 Jul 2026, 02:36 PM
- Updated: 02:36 PM
देहरादून, 19 जुलाई (भाषा) उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में आकाशीय बिजली गिरने से दो व्यक्तियों की मौत हो गई। वहीं, मौसम विभाग द्वारा रविवार के लिए 10 जिलों में 'रेड' और 'ऑरेंज' अलर्ट जारी किए जाने के बीच राज्य के अधिकांश हिस्सों में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार लगातार बारिश के कारण विभिन्न स्थानों पर भूस्खलन होने से दो राष्ट्रीय राजमार्गों सहित कुल 84 सड़कें यातायात के लिए बंद हो गई हैं।
एसईओसी ने बताया कि हरिद्वार में शनिवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से डालूवाला मजबता निवासी नवीन सिंह (33) और खालाटीरा निवासी रणधीर सिंह (45) की मौत हो गई।
मौसम विभाग ने रविवार से अगले कुछ दिनों तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
विभाग ने रविवार के लिए नैनीताल, चंपावत और ऊधमसिंह नगर जिलों में 'रेड अलर्ट' जारी किया है। वहीं, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार और बागेश्वर जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जबकि चमोली, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है।
देहरादून, हरिद्वार और टिहरी जिलों में 20 जुलाई के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया गया है जबकि नैनीताल, उत्तरकाशी और पौड़ी जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' घोषित किया गया है।
देहरादून और बागेश्वर जिलों में 21 जुलाई के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' तथा टिहरी, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, नैनीताल, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। वहीं, 22 जुलाई के लिए उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में 'येलो अलर्ट' जारी करते हुए अधिकांश क्षेत्रों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर एसईओसी ने सभी जिलाधिकारियों को सतर्क रहने और आवश्यक एहतियाती उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
राज्य के आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि जिलाधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने, जिला आपातकालीन परिचालन केंद्रों को 24 घंटे सक्रिय रखने, राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखने तथा भूस्खलन संभावित मार्गों पर आवश्यक मशीनरी और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने चारधाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं, पर्यटकों और आम नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने, यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने तथा भारी बारिश के दौरान नदी-नालों, गदेरों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में भारी वर्षा दर्ज की गई। हल्द्वानी में 108 मिलीमीटर, थल में 103.5 मिलीमीटर, देहरादून के हाथीबड़कला क्षेत्र में 93 मिलीमीटर, धारचूला में 92.4 मिलीमीटर, काशीपुर में 73.5 मिलीमीटर और जौलजीबी में 65.5 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।
एसईओसी के अनुसार, पिथौरागढ़ जिले में तवाघाट-गुंजी राष्ट्रीय राजमार्ग गरबाधार के पास तथा उत्तरकाशी जिले में ऋषिकेश-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पालीगाड़, स्यानाचट्टी और ओजरी के निकट भूस्खलन के कारण बाधित है। बंद सड़कों को खोलने का कार्य जारी है।
भाषा
दीप्ति रवि कांत
1907 1436 देहरादून