कच्चे तेल कीमतों में तेजी, अमेरिका-ईरान तनाव से सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव की आशंका : विश्लेषक
अजय
- 19 Jul 2026, 04:29 PM
- Updated: 04:29 PM
नयी दिल्ली, 19 जुलाई (भाषा) पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और वैश्विक वृहद आर्थिक आंकड़ों के बीच अगले सप्ताह सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। विश्लेषकों ने यह अनुमान जताया है।
निवेशक अमेरिकी साप्ताहिक बेरोजगारी दावों और प्रारंभिक पीएमआई जैसे महत्वपूर्ण आंकड़ों के साथ ही यूरोप और चीन के मौद्रिक नीति फैसलों तथा प्रमुख आर्थिक संकेतकों पर भी नजर रखेंगे। इनसे वैश्विक ब्याज दरों की दिशा को लेकर संकेत मिल सकते हैं।
विश्लेषकों ने कहा कि अमेरिका से जुड़े ठिकानों पर हमलों के बाद अमेरिकी सेना ने रविवार को ईरान के खिलाफ नए हवाई हमले किए, जिससे पहले से तनावपूर्ण पश्चिम एशिया की स्थिति और गंभीर हो गई है।
जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड में जिंस एवं मुद्रा शोध के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रणव मेर ने कहा, "माह के अंत में होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले सोने में गिरावट का दौर जारी है। हालांकि, बाजार का ध्यान अमेरिका और ईरान के बीच घटनाक्रम पर बना रहेगा।"
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अगस्त की आपूर्ति वाले सोने का वायदा भाव पिछले सप्ताह 2,572 रुपये यानी करीब दो प्रतिशत की गिरावट के साथ 1.40 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। वहीं, सितंबर अनुबंध वाली चांदी 6,261 रुपये यानी 2.8 प्रतिशत टूटकर 2.16 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई।
एलकेपी सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष (शोध विश्लेषक-जिंस एवं मुद्रा) जतिन त्रिवेदी ने कहा कि मजबूत अमेरिकी डॉलर, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और लंबे समय तक ब्याज दरें ऊंची बने रहने की संभावना के कारण सोने में गिरावट का दौर जारी रहा।
उन्होंने कहा कि सोने में हर तेजी पर नई बिकवाली देखने को मिली, जिससे संकेत मिलता है कि कारोबारी नई खरीदारी करने के बजाय मुनाफावसूली को प्राथमिकता दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि रुपये में मामूली सुधार से भी सोने को ज्यादा बल नहीं मिला, क्योंकि मजबूत डॉलर का दबदबा बना रहा।
वैश्विक बाजार में पिछले सप्ताह कॉमेक्स सोना वायदा 95 डॉलर यानी 2.3 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,018.8 डॉलर प्रति औंस रह गया। वहीं, न्यूयॉर्क में चांदी करीब चार डॉलर यानी 6.4 प्रतिशत टूटकर 56.32 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई।
मेर ने कहा कि शुक्रवार को सोने और चांदी में सुधार जरूर आया, लेकिन पूरे सप्ताह दोनों की कीमतें गिरावट के साथ बंद हुईं। कच्चे तेल की कीमतों में आपूर्ति बाधित होने की आशंका से 14 प्रतिशत से अधिक की तेजी और अमेरिकी बॉन्ड पर प्रतिफल बढ़ने से सोने की मांग प्रभावित हुई।
मिराए एसेट शेयरखान के जिंस प्रमुख प्रवीण सिंह ने कहा कि फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श की सख्त मौद्रिक नीति संबंधी टिप्पणियों ने अमेरिका में नरम मुद्रास्फीति के आंकड़ों के प्रभाव को कम कर दिया है। इससे कड़ी मौद्रिक नीति जारी रहने की संभावना मजबूत हुई है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका और चीन के बीच किसी नए तनाव से सोने की मांग फिर बढ़ सकती है। इसके अलावा निवेशक यूरोपीय क्षेत्र, ब्रिटेन के पीएमआई आंकड़ों और चीन से जुड़े घटनाक्रमों पर भी नजर रखेंगे।
भाषा योगेश अजय
अजय
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