जम्मू-कश्मीर में बारिश का कहर: 11 की मौत, पुंछ-राजौरी में सात लापता
नरेश
- 20 Jul 2026, 08:43 PM
- Updated: 08:43 PM
जम्मू, 20 जुलाई (भाषा) जम्मू में सोमवार को बारिश से जुड़ी घटनाओं में एक महिला और उसके दो बच्चों समेत कम से कम 11 लोगों की मौत के साथ दो दिनों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
बाढ़ प्रभावित पुंछ और राजौरी जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बचाव और राहत कार्यों में बाधा आई। अधिकारियों के अनुसार, सात लोग अब भी लापता हैं।
उन्होंने बताया कि पुंछ जिले के लोरान के ऊपरी इलाके में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन से एक कच्चा मकान ढह गया, जिसके मलबे में दो बच्चों समेत सात लोग जिंदा दब गए।
अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीणों ने मलबे से सात शव निकाले। मृतकों की पहचान जाहिदा बेगम (38), उनके छह वर्षीय बेटे मनन रफीक, चार वर्षीय बेटी अलीसा, तनवीर अहमद भट (27), शमीम अख्तर (33), शबनम बानो (31) और मोहम्मद इरफान (17) के रूप में हुई। सभी पुंछ जिले की मंडी तहसील के अरिगाम गांव के निवासी थे।
डोडा जिले में जम्मू-किश्तवाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर रग्गी नाले के पास एक यात्री बस पहाड़ी से लुढ़क रही एक चट्टान की चपेट में आ गई। सुबह करीब साढ़े नौ बजे हुई इस घटना में कुलवंत सिंह और मनीष कुमार की मौत हो गई, जबकि छह अन्य घायल हो गए।
चट्टानें गिरने से दो निजी कारें भी क्षतिग्रस्त हो गईं, जिसके कारण राष्ट्रीय राजमार्ग लंबे समय तक अवरूद्ध रहा। हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
अधिकारियों ने बताया कि जिले के कश्तीगढ़ क्षेत्र में शिव देवी नामक एक महिला की घर के पास गिरती चट्टान की चपेट में आने से मौत हो गई।
वहीं, अचानक आई बाढ़ में बह गए विकास अहमद का शव सोमवार सुबह राजौरी शहर के सलानी क्षेत्र में नदी से बरामद किया गया।
पिछले दो दिनों से जारी भारी बारिश के कारण सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को व्यापक नुकसान पहुंचा है।
पुंछ जिले में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है और छह लोग लापता हैं। वहीं, राजौरी जिले में दो लोगों की जान गई है, जबकि जल शक्ति विभाग का एक कर्मचारी लापता है।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को मृतकों के परिजनों को छह-छह लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
अब्दुल्ला ने कहा कि किसी भी प्रकार की आर्थिक सहायता अपनों को खोने के अपूरणीय दुख की भरपाई नहीं कर सकती।
सीमावर्ती दोनों जिलों में सोमवार तड़के करीब तीन बजे बारिश का नया दौर शुरू हुआ, जो पूरे दिन रुक-रुक कर जारी रहा।
उन्होंने बताया कि उफनते नालों, फिसलन भरी जमीन और कम दृश्यता के कारण बचाव टीम की आवाजाही बाधित हो रही है। लापता लोगों का पता लगाने के लिए राहत एवं बचाव दल लगातार प्रयास कर रहे हैं।
भाषा आशीष नरेश
नरेश
2007 2043 जम्मू