ममता ने बंगाल में भाजपा-विरोधी मोर्चे के लिए कांग्रेस, माकपा को साथ आने का न्योता दिया
सुरेश
- 21 Jul 2026, 07:14 PM
- Updated: 07:14 PM
(तस्वीरों के साथ)
कोलकाता, 21 जुलाई (भाषा) तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने मंगलवार को कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाते हुए उनसे पश्चिम बंगाल में अपनी पार्टी के साथ मिलकर विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' के तहत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ एक संयुक्त मोर्चा बनाने की अपील की।
ममता ने यह अपील कोलकाता में बिरला तारामंडल के पास तृणमूल के अपने नेतृत्व वाले खेमे की ओर से आयोजित वार्षिक 'शहीद दिवस' रैली के दौरान की। राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन 'इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस' (इंडिया) का हिस्सा होने के बावजूद पश्चिम बंगाल में तृणमूल के कांग्रेस और माकपा के साथ रिश्ते सहज नहीं रहे हैं।
तृणमूल सुप्रीमो ने विपक्षी एकता की अपील के बीच बागी नेताओं के लिए अपनी पार्टी के दरवाजे पूरी तरह से बंद कर दिए। उन्होंने साफ कहा कि "गद्दारों" को कभी वापस नहीं लिया जाएगा।
ममता ने कहा, "मैं चाहती हूं कि बंगाल में भाजपा से लड़ने के लिए सभी 'इंडिया' के बैनर तले एकजुट हों। मुझमें कोई अहं नहीं है। मैं दूसरों से भी अपील करती हूं कि वे आपसी मतभेदों को भुलाकर एकजुट होकर लड़ें।"
उन्होंने किसी पार्टी का नाम लिये बिना कहा, "मैं बंगाल में भाजपा के खिलाफ लड़ रहे सभी लोगों से एकजुट होने की अपील करती हूं।"
विधानसभा और संसदीय चुनावों में कांग्रेस और माकपा ने तृणमूल कांग्रेस पर लगातार भाजपा की राजनीतिक रूप से मदद करने का आरोप लगाया है। हालांकि, ममता ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
तृणमूल सुप्रीमो की ताजा अपील को बंगाल में भाजपा-विरोधी खेमे में फिर से मजबूत पकड़ बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। यह अपील ऐसे समय में की गई है, जब तृणमूल कांग्रेस अपनी स्थापना के बाद से संगठन में सबसे बड़े विभाजन का सामना कर रही है।
ममता ने शहीद दिवस रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर तृणमूल कांग्रेस को कमजोर करने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।
उन्होंने एक समय अपने करीबी सहयोगियों में शामिल रहे शुभेंदु का नाम लिये बिना कहा कि वह अपनी पार्टी में दस साल रहने के दौरान किए गए उनके (शुभेंदु के) कारनामों का पर्दाफाश कर सकती हैं।
ममता ने कहा, "अगर मैंने मुंह खोला, तो तृणमूल में 10 साल रहने के दौरान आपने जो कुछ भी किया, उसका पर्दाफाश हो जाएगा। मैं आपका असली चेहरा सबके सामने ला दूंगी... अगर केंद्र में भाजपा हारती है, तो यहां की सरकार भी डगमगा जाएगी।"
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों को निशाना बनाने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों और पुलिस का दुरुपयोग किया जा रहा है।
ममता ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद से तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ करीब 14 हजार आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "मैंने ऐसी सीआईडी कभी नहीं देखी। उन्होंने हमारे नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ करीब 14 हजार मामले दर्ज किए हैं। उनका यह कारनामा गिनीज बुक में दर्ज होना चाहिए।"
बारुईपुर में एक बच्ची के कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद इलाके का दौरा करने के अपने प्रयास का जिक्र करते हुए ममता ने दावा किया कि उन्हें उनके घर में नजरबंद कर दिया गया था।
ममता ने भाजपा सरकार पर ऐसी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया, जिनसे फेरीवालों, मध्याह्न भोजन कर्मियों और कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार राज्य के कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देने जैसे वादे निभाने में भी नाकाम रही है।
तृणमूल सुप्रीमो ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने सोमवार रात मंच में तोड़फोड़ करके और बिजली कनेक्शन काटकर उनके खेमे के शहीद दिवस कार्यक्रम को बाधित करने की कोशिश की।
ममता ने कहा, "उन्होंने (भाजपा कार्यकर्ताओं ने) हमारे मंच पर हमला किया और हर तरह की चाल चली, ताकि हम कार्यक्रम न कर सकें।"
उन्होंने भाजपा को "कांटेदार तार वाली पार्टी" कहकर उसकी आलोचना की।
ममता ने रैली के आयोजन की अनुमति देने के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय का आभार जताया। उन्होंने 1993 में पुलिस की गोलीबारी में मारे गए लोगों के परिवारों का भी शुक्रिया अदा किया, जो "लालच, धमकियों और अभावों के बावजूद" इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
ममता ने भाजपा पर धार्मिक मुद्दों पर पाखंड करने का आरोप लगाते हुए कहा, "सिर्फ राम मंदिर ही नहीं, बल्कि बंगाल के कई मंदिरों के दान-पात्र भी भाजपा लूट रही है।"
परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का जिक्र करते हुए ममता ने पूछा कि क्या भाजपा उन छात्रों को वापस ला सकती है, जिनकी मौत कथित तौर पर इस कारण हुई।
उन्होंने कहा, "अगर जरूरत पड़ी तो मैं कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के विरोध-प्रदर्शन में शामिल होऊंगी।"
ममता ने घोषणा की कि वह जल्द ही पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों का दौरा शुरू करेंगी।
उन्होंने बागी गुट पर निशाना साधते हुए कहा, "इसके बाद मैं जिलों का दौरा करूंगी। मैं देखना चाहती हूं कि मुझे रोकने की हिम्मत किसमें है।"
भाषा पारुल सुरेश
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2107 1914 कोलकाता