राहुल गांधी 'अराजकता की राजनीति' कर रहे हैं : भजपा अध्यक्ष नवीन
रंजन
- 22 Jul 2026, 01:22 AM
- Updated: 01:22 AM
नयी दिल्ली, 21 जुलाई (भाषा) सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवास के बाहर धरना देने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी की कड़ी आलोचना की और इसे निंदनीय तथा भारतीय राजनीति के इतिहास में 'काला दिन' करार दिया।
नवीन ने आरोप लगाया कि गांधी और कांग्रेस नेताओं ने अराजकता फैलाने के लिए प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना दिया। उन्होंने विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की भी आलोचना की।
भाजपा अध्यक्ष ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ''राहुल गांधी ने आज जिस तरह का व्यवहार किया, वह अशोभनीय और निंदनीय था।''
उन्होंने कहा, ''यह असहमति की राजनीति नहीं, बल्कि अराजकता की राजनीति थी।''
भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ''यह निश्चित रूप से दुर्भाग्यपूर्ण था और भारतीय राजनीति के इतिहास में एक काला दिन था।''
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कई अन्य वरिष्ठ नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी के आवास के बाहर धरना दिया और नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर उनके इस्तीफे की मांग की। बाद में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार)की नेता सुप्रिया सुले भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए।
बाद में विपक्षी नेताओं को जबरन उस जगह से हटाया गया और पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
नवीन ने कहा कि गांधी नेता प्रतिपक्ष हैं, लेकिन प्रधानमंत्री आवास के बाहर उनके व्यवहार से पता चलता है कि वह लोकसभा में अपने पद की गरिमा को गंभीरता से नहीं लेते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया, ''मेरा मानना है कि लोकतंत्र में असहमति और अराजकता दो अलग-अलग चीजें हैं। जब असहमति अपनी सीमा पार कर जाती है, तो वह अराजकता बन जाती है। हमने लगातार यह कहा है कि राहुल गांधी अराजकता के प्रतीक के तौर पर उभर रहे हैं।''
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि संसदीय जीवन में कुछ पद ऐसे होते हैं जो किसी पार्टी के नहीं होते। उन्होंने कहा, ''प्रधानमंत्री केवल किसी पार्टी के नेता नहीं हैं। वह देश के 140 करोड़ लोगों के चुने हुए प्रतिनिधि हैं।''
नवीन ने कहा, ''प्रधानमंत्री लोगों के विश्वास के केंद्र हैं। उन्हें लोगों का आशीर्वाद प्राप्त है। देश अपने प्रधानमंत्री के साथ मजबूती से खड़ा है।''
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार संसद में किसी भी चर्चा के लिए हमेशा तैयार है।
उन्होंने आरोप लगाया , ''लेकिन मर्यादा तोड़ने का बढ़ता चलन और आपकी (कांग्रेस) पार्टी के भीतर पनप रही अराजक सोच निश्चित रूप से देश को परेशान कर रही है।''
नवीन ने कहा कि सुरक्षा कारणों से प्रधानमंत्री आवास के पास इस तरह के प्रदर्शन नहीं किए जाते हैं। उन्होंने कहा, ''यह एक परंपरा रही है। लेकिन नेता प्रतिपक्ष (राहुल गांधी) इस परंपरा को समझ नहीं पा रहे हैं... यह बात खास तौर पर चिंताजनक है कि मल्लिकार्जुन खरगे जैसे वरिष्ठ नेता भी राहुल गांधी के साथ (प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने में) शामिल हुए।''
उन्होंने कहा, ''हमने भी लंबे समय तक विपक्ष की भूमिका निभाई लेकिन हमने कभी ऐसी सीमाएं नहीं लांघीं।''
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने इससे पहले कहा था कि उन्होंने गांधी से कहा कि सरकार संसद में नीट और आंदोलन से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं, जैसा कि उन्होंने मांग की थी, लेकिन लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष 'पीछे हट गए' और मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को भी इस्तीफा देना होगा।
गांधी की आलोचना करते हुए नवीन ने कहा, ''जब उन्होंने शर्तें रखीं, तो उन्हें मान लिया गया। फिर भी, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि नेता प्रतिपक्ष के पद पर बैठा व्यक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ने पर पीछे हट जाता है। यह उनकी अपरिपक्वता को दर्शाता है।''
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार संसद में छात्रों और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा, ''मैं पूरे विपक्ष से बहुत स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं: आइए, संसद में हर विषय पर चर्चा कीजिए, लेकिन इस तरह का अशोभनीय व्यवहार न करें।''
भाषा धीरज रंजन
रंजन
2207 0122 दिल्ली