कई स्थानों पर भूस्खलन के बाद जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद
शफीक
- 22 Jul 2026, 01:33 PM
- Updated: 01:33 PM
जम्मू, 22 जुलाई (भाषा) जम्मू क्षेत्र के अधिकांश हिस्सों में लगातार चौथे दिन हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ, जिसके चलते जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बुधवार को रोक दिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ और भूस्खलन प्रभावित पुंछ और राजौरी जिलों में लापता सात लोगों की तलाश का अभियान जारी रहा। वहीं, अमरनाथ यात्रा, वैष्णो देवी यात्रा और मचैल माता यात्रा समेत सभी प्रमुख तीर्थ यात्राएं रविवार से निलंबित हैं।
यातायात विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले 250 किलोमीटर लंबे जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही सुबह 9.30 बजे रोक दी गई। उन्होंने बताया कि भारी बारिश के कारण उधमपुर और बनिहाल के बीच करीब एक दर्जन स्थानों पर भूस्खलन और पत्थर खिसकने की घटनाएं हुईं।
अधिकारी ने कहा, "यात्रियों को सलाह दी जाती है कि मौसम में सुधार होने और सड़क को यातायात के लिए सुरक्षित घोषित किए जाने तक राजमार्ग पर यात्रा न करें।" उन्होंने बताया कि मलबा हटाने के लिए सड़क साफ करने वाली एजेंसियों ने अपने कर्मियों को तैनात कर दिया है।
मौसम विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बुधवार सुबह 8.30 बजे समाप्त हुए पिछले 24 घंटों के दौरान कठुआ जिले में सबसे अधिक 153 मिलीमीटर (मिमी) बारिश दर्ज की गई। इसके बाद सांबा में 133 मिमी, उधमपुर में 112.6 मिमी, जम्मू में 62.1 मिमी, कटरा में 58.5 मिमी, पुंछ में 51 मिमी और राजौरी में 40.5 मिमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार शाम तक मध्यम से भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है।
अधिकारियों ने बताया कि रविवार से पुंछ, राजौरी और डोडा जिलों में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन की अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 23 लोगों की मौत हो गई है, जबकि सात अन्य लापता हैं। लगातार हो रही भारी बारिश से सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और निजी संपत्ति को व्यापक नुकसान पहुंचा है। कई सड़कें और पुल बह गए हैं तथा कई इलाकों में बिजली और पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है।
अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित जिलों में बचाव और राहत अभियान तेज कर दिए गए हैं। नागरिक प्रशासन, पुलिस, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और अन्य एजेंसियों की टीमें चौबीसों घंटे काम कर रही हैं ताकि फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके, संपर्क मार्गों को बहाल किया जा सके और नुकसान का आकलन किया जा सके।
एक अन्य घटनाक्रम में, जल शक्ति मंत्री जावेद अहमद राणा ने खेल मंत्री सतीश शर्मा के साथ राजौरी जिले का दौरा किया। उन्होंने वहां बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की, राहत कार्यों का जायजा लिया और जिले में आवश्यक सेवाओं की बहाली की स्थिति का आकलन किया।
सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि उन्होंने प्रभावित लोगों का हालचाल जाना और जिला प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा की, जिनमें ठहरने, भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवा और अन्य आवश्यक सुविधाएं शामिल हैं।
भाषा तान्या शफीक
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