कांगो में इबोला के प्रकोप से लगभग 1,000 लोगों की मौत
नरेश
- 22 Jul 2026, 05:11 PM
- Updated: 05:11 PM
बुनिया (कांगो), 22 जुलाई (एपी) कांगो में इबोला वायरस के प्रकोप से कम से कम 999 लोगों की मौत हो गई है। बुधवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली।
यह उस इबोला प्रकोप में एक दुखद आंकड़ा है, जिसे पहले ही इतिहास में सबसे तेजी से फैलने वाला इबोला प्रकोप घोषित किया जा चुका है।
कांगो के स्वास्थ्य मंत्रालय से मिली ताजा जानकारी के अनुसार, इबोला प्रकोप की इस नई लहर में रविवार तक 2,473 मामले सामने आए हैं और 999 लोगों की मौत हुई है। उसने कहा कि कम से कम 737 मरीज वर्तमान में पृथकवास केंद्रों और अस्पतालों में भर्ती हैं।
कांगो में 15 मई को घोषित प्रकोप पहले के ज्यादातर इबोला प्रकोपों से अलग है, क्योंकि इसके लिए जिम्मेदार वायरस के बुंडिबुग्यो स्वरूप के लिए कोई टीका या इलाज मौजूद नहीं है।
इस प्रकोप में अब तक दर्ज किसी भी इबोला प्रकोप की तुलना में अधिक लोगों की कम समय में मौत हुई है। इसमें वर्ष 2013-2016 का वह प्रकोप भी शामिल है, जिसे कम से कम 28,000 मामलों में से 11,000 से अधिक मौतों के साथ अब तक का सबसे भीषण इबोला प्रकोप माना जाता है। उस प्रकोप में मृतकों की संख्या 1,000 तक पहुंचने में लगभग आठ महीने लगे थे।
इबोला बहुत दुर्लभ है और यह बहुत तेजी से फैलता है तथा उल्टी या खून जैसे शारीरिक तरल पदार्थों के संपर्क में आने से संक्रमण हो सकता है। इससे होने वाली बीमारी गंभीर होती है और अक्सर जानलेवा साबित होती है।
अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी है कि नए मामलों में से 80 प्रतिशत संक्रमण के ऐसे स्रोतों से सामने आए हैं, जिनका पता नहीं चल पाया है। इसे इस बात का संकेत माना जा रहा है कि प्रकोप स्वास्थ्य अधिकारियों की निगरानी क्षमता से अधिक तेजी से फैल रहा है। हालांकि, अधिकारी प्रकोप के केंद्र इतुरी प्रांत के साथ-साथ उन चार अन्य प्रांतों में भी अपनी प्रतिक्रिया तेज कर रहे हैं, जहां संक्रमण के मामले दर्ज किए गए हैं।
स्वास्थ्य केंद्रों और प्रकोप से निपटने वाली टीम पर हुए हमलों के कारण अग्रिम मोर्चे पर काम कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों और राहत संगठनों को कुछ क्षेत्रों से हटना पड़ा है। कई स्वास्थ्यकर्मी यह शिकायत करते हुए हड़ताल पर चले गए हैं कि प्रकोप शुरू होने के बाद से उन्हें वेतन नहीं मिला है।
अफ्रीका रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र के महानिदेशक डॉ. जीन कासेया ने मंगलवार को घाना में आयोजित अफ्रीका स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रकोप की रफ्तार धीमी करने के लिए प्रयास तेज करने का आह्वान किया।
कासेया ने कहा, "यदि हम आज इस प्रकोप को नहीं रोक सके, तो यह दुनिया में अब तक दर्ज सबसे भीषण इबोला प्रकोपों में से एक बन सकता है।"
एपी अमित नरेश
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