असम विधानसभा में बाढ़ के मुद्दे को लेकर डेस्क पर चढ़ जाने पर अखिल गोगोई सदन से निलंबित
नरेश
- 23 Jul 2026, 07:28 PM
- Updated: 07:28 PM
गुवाहाटी, 23 जुलाई (भाषा) असम में बाढ़ की स्थिति पर चर्चा की मांग को लेकर विधानसभा में बृहस्पतिवार को अपना स्थगन प्रस्ताव अध्यक्ष द्वारा खारिज कर दिये जाने पर विरोध स्वरूप डेस्क पर चढ़ जाने पर रायजोर दल के विधायक अखिल गोगोई को दिनभर के लिए सदन की कार्यवाही से निलंबित कर दिया गया।
प्रश्नकाल के बाद, गोगोई ने यह मुद्दा उठाया और अध्यक्ष रंजीत कुमार दास से दो मिनट का समय मांगा ताकि वह ऊपरी असम, खासकर शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट जिलों में बाढ़ से हुई तबाही के बारे में बात कर सकें।
गोगोई ने कहा, ''तीन ज़िले मलबे में बदल गए हैं। सब कुछ तबाह हो गया है। मैं असम विधानसभा से अपील करता हूं कि वह राज्य सरकार से कहे कि वह केंद्र से इसे प्राकृतिक आपदा घोषित करने का अनुरोध करे।''
अध्यक्ष ने स्थगन प्रस्ताव को खारिज कर दिया और कहा कि बुधवार को कांग्रेस ने भी ऐसा ही प्रस्ताव पेश किया था एवं उसे भी खारिज कर दिया गया था।
उन्होंने गोगोई से कहा, ''हम बजट पर चर्चा कर रहे हैं और कटौती प्रस्तावों पर बातचीत चल रही है। इन्हें रद्द नहीं किया जा सकता। मेरा आपसे अनुरोध है कि सदन में चर्चा के लिए इस विषय को किसी दूसरे तरीके से उठाएं।''
इस पर गोगोई चिल्लाने लगे और दास से दो मिनट बोलने देने की गुज़ारिश करने लगे।
अध्यक्ष ने कहा,''आपने दो मिनट बोलने का अनुरोध किया था और मैंने आपको दो मिनट 44 सेकंड दिए। अब इसे और न खींचें।''
जब दास ने कार्यवाही जारी रखी, तो गोगोई अपनी कुर्सी पर खड़े हो गए और नारे लगाते रहे। जब अध्यक्ष ने उनके विरोध पर ध्यान नहीं दिया, तो विधायक अपनी डेस्क पर चढ़ गए और चिल्लाते रहे।
तब अध्यक्ष ने रायजोर दल के अध्यक्ष को निलंबित कर दिया और मार्शल से उन्हें सदन से बाहर ले जाने को कहा। मार्शल उन्हें सदन से बाहर ले गये।
असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। अब तक 41 लोगों की मौत हो चुकी है और 11 जिलों में 6.50 लाख से ज़्यादा लोग बाढ़ की विभीषका झेल रहे हैं।
बुधवार को विधानसभा में विनाशकारी बाढ़ का मुद्दा छाया रहा। कांग्रेस ने इस पर स्थगन प्रस्ताव पेश किया, जिसके जवाब में सरकार ने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा के पैमाने प्रशासन भी अचंभित है, क्योंकि इन इलाकों में पिछले 60 सालों में ऐसी बाढ़ नहीं देखी गई थी।
कांग्रेस ने प्रश्नकाल के बाद बाढ़ की स्थिति पर चर्चा करने की मांग की, लेकिन दास ने इसे खारिज कर दिया।
भाषा
राजकुमार नरेश
नरेश
2307 1928 गुवाहाटी