छात्रों की निराशा समझ में आती है, तेंदुलकर ने नीट आंदोलन पर जारी किया बयान
सुधीर
- 23 Jul 2026, 09:58 PM
- Updated: 09:58 PM
नयी दिल्ली, 23 जुलाई (भाषा) भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने बृहस्पतिवार को बार-बार नीट परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन करते हुए कहा कि छात्रों की निराशा समझ में आती है और समाज को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे 'दोबारा इस तरह महसूस नहीं करें'।
तेंदुलकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा कि उनके दिवंगत पिता रमेश तेंदुलकर (जो प्रोफेसर थे) ने उन्हें जीवन के शुरुआती दौर में ही कुछ महत्वपूर्ण संस्कार सिखाए थे, जिनमें सबसे प्रमुख था, 'असफल होना ठीक है, लेकिन धोखा देना नहीं। कभी भी शॉर्टकट मत अपनाओ।'
तेंदुलकर ने कहा, ''समाज में वयस्कों के रूप में हमारी जिम्मेदारी है कि हम संस्कृति को आकार दें। ऐसा समाज जो मेहनत के बजाय केवल परिणामों को प्राथमिकता देता है, वह योग्यता आधारित व्यवस्था (मेरिटोक्रेसी) के बजाय शॉर्टकट को बढ़ावा देगा। आज जब छात्रों को लगता है कि उनकी कड़ी मेहनत का उन्हें उचित परिणाम नहीं मिला, तो उनकी निराशा समझ में आती है। ''
उन्होंने लिखा, ''हम सभी को मिलकर यह सुनिश्चित करने की दिशा में काम करना चाहिए कि उन्हें दोबारा ऐसा महसूस नहीं हो। ''
बीस जुलाई से शुरू हुए ये प्रदर्शन अब हिंसक रूप ले चुके हैं। कानून-व्यवस्था की स्थिति का हवाला देते हुए पुलिस ने कई बार लाठीचार्ज किया है।
इस आंदोलन का नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी कर रही है जिसे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का समर्थन प्राप्त है। वांगचुक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।
प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि नीट प्रश्नपत्र लीक के लिए वह जिम्मेदार हैं जिसके कारण हाल ही में दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी।
प्रश्नपत्र लीक के बाद कई छात्रों ने आत्महत्या भी की।
तेंदुलकर ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इसका कोई समाधान जरूर निकलेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसी संस्कृति को बढ़ावा देने की जरूरत है, जिसमें ईमानदारी को महत्व मिले और योग्यता (मेरिट) की जीत हो।
उन्होंने कहा, ''एक समाज के रूप में हम सभी (माता-पिता, शिक्षक, दोस्त, रिश्तेदार, स्कूल और प्रशासक) की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है और हम सभी की अलग-अलग भूमिकाएं हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हमारे युवा प्रोत्साहित और ऊर्जावान बने रहें। ''
तेंदुलकर ने कहा, ''हमें ऐसी संस्कृति बनानी होगी, जहां मेहनत को सम्मान मिले, ईमानदारी को प्रोत्साहित किया जाए और योग्यता की जीत हो। मुझे पूरा विश्वास है कि हम सभी मिलकर ऐसे समाधान खोज लेंगे, जो हमारे बच्चों के भविष्य को मजबूत करें और उनकी आकांक्षाओं की रक्षा करें। ''
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को एक बयान जारी करते हुए कहा कि परीक्षा प्रश्नपत्र लीक करने के आरोपियों के खिलाफ तेजी से सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों की स्थापना की जाएगी।
भाषा नमिता सुधीर
सुधीर
2307 2158 दिल्ली