अतिक्रमण से जाम और अव्यवस्था, आमजन परेशान
Dailyworld
- 22 Apr 2026, 06:39 PM
- Updated: 06:39 PM
डेली वर्ल्ड / रामगढ़वा
प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों अतिक्रमण की समस्या गंभीर रूप लेती जा रही है। विशेष रूप से रामगढ़वा बाजार के मौलेशरी चौक से लेकर रेलवे स्टेशन जाने वाली मुख्य सड़क में प्रखंड मुख्यालय तक तथा मेन रोड से गोलारोड होते शंकर मंदिर चौक तक ब्लॉक रोड में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक आदि सड़कों के दोनों किनारों पर किए गए अतिक्रमण ने स्थानीय लोगों के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर दी है। सड़क के किनारे अस्थायी दुकानों, ठेलों, अवैध निर्माणों और अतिक्रमणकारी ढांचों के कारण आवागमन बाधित हो रहा है, जिससे आमजन, छात्र-छात्राएं, व्यापारी और यात्री सभी प्रभावित हो रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बाजार से स्टेशन तक जाने वाली यह सड़क क्षेत्र की प्रमुख संपर्क मार्ग है, जिस पर प्रतिदिन हज़्ज़ारों लोगों का आवागमन होता है। रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के लिए यही मुख्य रास्ता है, लेकिन अतिक्रमण के कारण सड़क संकरी हो गई है और कई स्थानों पर जाम की स्थिति बनी रहती है। विशेषकर सुबह और शाम के समय जब बाजार में भीड़ अधिक होती है, तब स्थिति और भी विकट हो जाती है।
प्रखंड मुख्यालय से तिलावे नदी पुल तक जाने वाले स्टेशन रोड पर भी अतिक्रमण का यही हाल है। सड़कों के दोनों ओर दुकानदारों द्वारा किए गए कब्जे के कारण सड़क की फुटपाथों की चौड़ाई काफी कम हो गई है। इससे बड़े वाहनों के गुजरने में कठिनाई होती है और अक्सर दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार छोटे-मोटे हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
अतिक्रमण के कारण सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों और मरीजों को हो रही है। स्कूल जाने वाले बच्चों को संकरी सड़क और भीड़भाड़ के बीच से गुजरना पड़ता है, जिससे उनकी सुरक्षा पर खतरा बना रहता है। वहीं, अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र जाने वाले मरीजों को भी समय पर पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाएं भी जाम में फंस जाती हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।
स्थानीय व्यापारियों का भी कहना है कि कुछ अस्थायी दुकानदारों द्वारा सड़क पर कब्जा कर लेने से व्यवस्थित दुकानों के व्यवसाय पर भी असर पड़ रहा है। ग्राहक जाम और भीड़ के कारण बाजार में आने से कतराने लगे हैं, जिससे व्यापार में गिरावट आ रही है। हालांकि, कुछ लोग यह भी मानते हैं कि अतिक्रमण करने वाले अधिकांश लोग अपनी आजीविका चलाने के लिए ऐसा कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद सार्वजनिक सड़कों पर अबैध कब्जा करना उचित नहीं है।
प्रशासन की ओर से समय-समय पर अतिक्रमण हटाने की बातें जरूर कही जाती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस और स्थायी कार्रवाई नहीं दिख रही है। कई बार अभियान चलाकर कुछ अतिक्रमण हटाए भी गए, लेकिन कुछ ही दिनों बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है। इससे लोगों में यह धारणा बन गई है कि प्रशासन इस समस्या के प्रति गंभीर नहीं है।
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अंचल अधिकारी का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए मांग की है कि रामगढ़वा बाजार से लेकर रेलवे स्टेशन रोड,ब्लॉक,प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा गोलारोड में किए गए सभी अतिक्रमण को जल्द से जल्द हटाया जाए। इसके साथ ही, भविष्य में दोबारा अतिक्रमण न हो, इसके लिए सख्त निगरानी और नियमित अभियान चलाने की भी आवश्यकता है।
लोगों का सुझाव है कि प्रशासन को पहले अतिक्रमण की स्पष्ट सीमा तय करनी चाहिए और उसके बाद सभी अवैध निर्माणों को हटाना चाहिए। साथ ही जिन लोगों की आजीविका इस पर निर्भर है, उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी की जानी चाहिए, ताकि वे भी सम्मानपूर्वक अपना जीवनयापन कर सकें और सार्वजनिक व्यवस्था भी बनी रहे।
इस समस्या के समाधान के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। पंचायत प्रतिनिधि, प्रखंड स्तर के अधिकारी और जनप्रतिनिधि मिलकर यदि इस दिशा में पहल करें, तो स्थिति में सुधार लाया जा सकता है। इसके अलावा, आम नागरिकों को भी अपनी जिम्मेदारी समझते हुए सड़क पर अतिक्रमण न करने और दूसरों को भी इसके लिए जागरूक करने की आवश्यकता है।
अंततः यह कहना गलत नहीं होगा कि रामगढ़वा में अतिक्रमण की समस्या अब केवल असुविधा का विषय नहीं रह गई है, बल्कि यह जनसुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुकी है। यदि समय रहते इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है। ऐसे में प्रशासन से अपेक्षा है कि वह इस दिशा में शीघ्र और ठोस कदम उठाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके और क्षेत्र में सुचारु आवागमन बहाल हो सके।