प.बंगाल : कोलकाता, 24 परगना और हावड़ा की भूमिका सरकार का फैसला करने में महत्वपूर्ण होगी
मनीषा
- 27 Apr 2026, 01:12 PM
- Updated: 01:12 PM
( प्रादे 24 आवश्यक सुधार के साथ रिपीट )
(प्रदीप्त तापदार)
कोलकाता, 27 अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल में उत्तरी हिस्से की पहाड़ियों या जंगलमहल के वनक्षेत्र की तुलना में दक्षिणी बंगाल के घनी आबादी वाले मैदानी इलाकों की भूमिका सरकार बनाने में अधिक महत्वपूर्ण होती है।
उत्तर और दक्षिण 24 परगना जिले इस चुनावी जंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। यह दोनों जिले कोलकाता और हावड़ा के साथ तृणमूल कांग्रेस का सबसे मजबूत गढ़ है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इन्हें सत्ता हासिल करने का महत्वपूर्ण रास्ता मान रही है।
भाजपा सत्तारूढ़ पार्टी के दक्षिणी गढ़ में सेंध लगाने की कोशिश कर रही है। यहां के दो सबसे बड़े जिले - 33 सीट वाला उत्तर 24 परगना और 31 सीट वाला दक्षिण 24 परगना - एक बार फिर बंगाल के चुनाव जीतने की कुंजी साबित होंगे।
कोलकाता की 11 सीट और हावड़ा की 16 सीट के साथ, ये चार जिले बंगाल विधानसभा की 294 सीट में से 91 सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं - जो सदन का लगभग एक तिहाई हिस्सा होने के कारण 2026 के चुनावों में सबसे निर्णायक क्षेत्र बन जाते हैं।
उत्तर और दक्षिण 24 परगना के चुनावी समर पर सबकी नजरें हैं जिसे बंगाल के राजनेता अक्सर ''बंगाल के चुनावी नक्शे का उत्तर प्रदेश'' कहते हैं। यह वह क्षेत्र है जो राज्य सचिवालय नबान्न में अहम भूमिका निभा सकता है।
प्रेसिडेंसी प्रभाग में कोलकाता, हावड़ा, नादिया, उत्तर और दक्षिण 24 परगना शामिल है तथा यहां 111 सीट हैं। यह तृणमूल कांग्रेस का सबसे मजबूत गढ़ बना हुआ है।
पश्चिम बंगाल में 2021 के विधानसभा चुनावों के दौरान भाजपा के मजबूत प्रयासों के बावजूद तृणमूल कांग्रेस ने इन 111 में से 96 सीट जीतीं, जबकि भाजपा को केवल 14 और इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) को एक सीट ही मिल पाई।
भाजपा ने 2024 के लोकसभा चुनावों में अपनी पकड़ मजबूत की और यहां की 21 सीट पर बढ़त हासिल की, जबकि तृणमूल कांग्रेस 90 सीट में आगे रही।
तृणमूल कांग्रेस के लिए चुनावी गणित बिल्कुल स्पष्ट है। वह अगर इस स्थिति को बरकरार रखती है तो उसका लगातार चौथी बार सत्ता में आने का रास्ता खुला रहेगा।
तृणमूल कांग्रेस के एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा, "अगर हम उत्तर और दक्षिण 24 परगना, कोलकाता और हावड़ा को अपने पास बनाए रखते हैं, तो बंगाल हमारे पास रहेगा। ये सिर्फ सीट नहीं हैं, ये ममता बनर्जी की राजनीति का सामाजिक आधार हैं।"
जबकि भाजपा इसी भौगोलिक क्षेत्र को सत्ता परिवर्तन का मार्ग मानती है।
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, "उत्तर 24 परगना, कोलकाता और हावड़ा में पैठ बनाए बिना हमारे लिए सत्ता तक पहुंचने का कोई रास्ता नहीं है।"
भाषा यासिर मनीषा
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2704 1312 कोलकाता