राजस्थान: भर्ती परीक्षा में 'डमी' अभ्यर्थी बैठाने के मामले में सरकारी अधिकारी सहित दो लोग गिरफ्तार
जितेंद्र
- 13 May 2026, 06:31 PM
- Updated: 06:31 PM
जयपुर, 13 मई (भाषा) राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) ने 2022 की स्कूल प्राध्यापक भर्ती परीक्षा में एक 'डमी' (फर्जी) अभ्यर्थी को मदद पहुंचाने के लिए सरकारी रिकॉर्ड में कथित तौर पर हेरफेर करने के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किये गये लोगों में राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) का कर्मचारी भी शामिल है।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुख्यआरोपी और निलंबित प्राध्यापक (इतिहास) राजेश कुमार मीणा और आरपीएससी अजमेर में तैनात कनिष्ठ लिपिक मान सिंह मीणा के रूप में हुई है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एसओजी) विशाल बंसल के अनुसार यह मामला स्कूल प्राध्यापक (इतिहास) भर्ती परीक्षा से जुड़ा है, जो अक्टूबर 2022 में हुई थी। उन्होंने बताया कि जांच में पता चला कि करौली जिले के रहने वाले राजेश कुमार मीणा ने परीक्षा में अपनी जगह के लिए फर्जी अभ्यर्थी का कथित तौर पर इंतजाम किया था क्योंकि उसकी तैयारी पूरी नहीं थी।
अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने एक परिचित उम्मेद सिंह को अपनी जगह परीक्षा लिखने के लिए राजी किया।
उन्होंने बताया कि इसके लिए मीणा ने प्रवेश पत्र में कथित तौर पर छेड़छाड़ की।
बंसल ने बताया कि मीणा ने अपनी तस्वीर की जगह 'डमी' अभ्यर्थी की तस्वीर लगा दी और परीक्षा उत्तीर्ण कर ली तथा उसे प्राध्यापक (इतिहास) के पद पर नियुक्ति मिल गई।
उन्होंने बताया कि चयन होने के बाद मीणा ने आरपीएससी के पास मौजूद मूल हाजिरी रिकॉर्ड में बदलाव करवाने की कोशिश की और वह रिकार्ड में फर्जी अभ्यर्थी की तस्वीर हटाकर अपनी तस्वीर लगवाना चाहता था ताकि उसकी धोखाधड़ी पकड़ी न जाए।
अधिकारी ने बताया कि इस प्रक्रिया के दौरान वह आरपीएससी के कर्मचारी मान सिंह मीणा के संपर्क में आया।
उन्होंने बताया कि जांच के नतीजों से पता चलता है कि मान सिंह मीणा ने रिकॉर्ड में हेरफेर करने के लिए आठ लाख रुपये की मांगे, जिसमें से दो लाख रुपये उसे पहले ही कथित तौर पर दे दिए गए थे।
अधिकारी ने बताया कि इससे पहले इस मामले में 'डमी' अभ्यर्थी उमेद सिंह और एक अन्य आरोपी रमेश विश्नोई (ढाका) को गिरफ्तार किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि राजेश कुमार मीणा मामला दर्ज होने के बाद से ही फरार चल रहा था लेकिन हाल ही में उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया और अदालत ने उसे 18 मई 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
पुलिस ने बताया कि साजिश में भूमिका साबित होने पर मान सिंह मीणा को 12 मई को गिरफ्तार किया गया और इस मामले में अन्य संभावित आरोपियों की पहचान के लिए जांच जारी है।
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