बिहार में राजद ने अपनी सभी संगठनात्मक इकाइयों को भंग किया
नरेश
- 07 Aug 2026, 03:46 PM
- Updated: 03:46 PM
पटना, सात अगस्त (भाषा) राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने बिहार में अपनी सभी संगठनात्मक इकाइयों को भंग कर दिया है। इनमें जिला, प्रखंड और पंचायत समितियों के अलावा विभिन्न प्रकोष्ठों की इकाइयां भी शामिल हैं। पार्टी की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
राजद की बिहार इकाई के अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने बृहस्पतिवार देर शाम यह बयान जारी किया।
हाल में संपन्न हुए बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में पार्टी की हार के बाद राजद का यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उपचुनाव में राजद उम्मीदवार रेखा गुप्ता अपनी जमानत भी नहीं बचा सकीं।
बयान में कहा गया, ''राजद (बिहार) की सभी स्तरों पर मौजूद संगठनात्मक इकाइयां - जिनमें जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर की इकाइयां तथा सभी प्रकोष्ठों और अन्य संबद्ध संगठनों से जुड़ी इकाइयां शामिल हैं, तत्काल प्रभाव से भंग की जाती हैं।''
इसमें कहा गया है कि राज्यभर में सभी स्तरों पर संगठन समितियों के पुनर्गठन की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।
हाल में राजद के दो नेताओं -भाई वीरेंद्र और शक्ति सिंह यादव- के बीच बयानबाजी तेज हो गई थी। दोनों ने बांकीपुर उपचुनाव में हार के बाद पार्टी संगठन को कमजोर करने के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया था।
राजद की सभी संगठनात्मक इकाइयों को भंग किए जाने पर विधायक भाई वीरेंद्र ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा कि यह फैसला पार्टी संगठन को पहले से और अधिक मजबूत बनाने के लिए लिया गया है।
उन्होंने कहा कि अब पार्टी में केवल समर्पित और सक्षम कार्यकर्ताओं को ही जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। उन्होंने यह दावा भी किया कि आने वाले दिनों में बिहार में राजद की सरकार बनेगी।
इसी तरह की राय रखते हुए पूर्व मंत्री और राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ''पूरे राज्य में सभी स्तरों पर संगठनात्मक समितियों को पुनर्गठित करने का फैसला निश्चित रूप से पार्टी को मजबूत करेगा। जो कार्यकर्ता इतने सालों से जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं, उन्हें आगे बढ़ाया जाना चाहिए और संगठन में अहम पद दिए जाने चाहिए। मैंने इस बारे में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के सामने अपनी बात पहले ही रख दी है।''
इस कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बिहार इकाई के नेता मृत्युंजय तिवारी ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ''मैं शुरू से ही कह रहा हूं कि राजद में सब कुछ ठीक नहीं है और इसी वजह से मैंने पार्टी छोड़ी। मुझे पार्टी में घुटन महसूस हो रही थी। राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ऐसे लोगों से घिरे हुए हैं जो दीमक की तरह पार्टी को खोखला कर रहे हैं।''
राजद के पूर्व प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी हाल में भाजपा में शामिल हुए हैं।
तिवारी ने कहा था कि राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने उन्हें 2014 में पार्टी का प्रवक्ता नियुक्त किया था और ''जब राष्ट्रीय जनता दल मुश्किल दौर से गुजर रहा था तब मैंने मीडिया में पार्टी का बचाव करने के लिए जी तोड़ कोशिश की थी।''
भाषा सुरभि नरेश
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