मिजोरम: ट्रक मालिक और चालक संघों ने आइजोल-सिलचर एनएच पर परिचालन रोका
यासिर वैभव
- 23 Jan 2025, 02:35 PM
- Updated: 02:35 PM
आइजोल, 23 जनवरी (भाषा) मिजोरम को असम से जोड़ने वाले आइजोल-सिल्चर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) की बदहाल स्थिति के विरोध में बृहस्पतिवार को मिजोरम ट्रक मालिक संघ (एमटीओए) और ट्रक चालक संघ ने एनएच पर ट्रकों का परिचालन बंद कर दिया।
एमटीओए के महासचिव दीना तलाऊ ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि राजमार्ग की खराब स्थिति के विरोध में जरूरी सामान और निर्माण सामग्री ले जाने वाले ट्रकों ने बृहस्पतिवार सुबह सात बजे से परिचालन बंद कर दिया।
अधिकारियों के अनुसार, हालांकि तेल के टैंकर और रसोई गैस के सिलेंडर ले जा रहे ट्रकों ने परिचालन बंद नहीं किया है।
तलाऊ ने कहा कि पिछले साल बरसात में क्षतिग्रस्त हुए एनएच-306/06 (आइजोल-सिलचर सड़क) की लंबे समय से मरम्मत नहीं की गई है।
एनएच खासकर यहां कांवपुई-खामरंग/सैरांग सेक्टर में सबसे अधिक प्रभावित है और राज्य के बाहर से जरूरी सामान लेकर आने वाले ट्रक मालिक एवं चालक अब राजमार्ग पर चलने की हिम्मत नहीं रख रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार और अन्य संबंधित अधिकारियों ने सर्दियों के दौरान सड़क की मरम्मत का वादा किया था, लेकिन इस संबंध में कोई कदम नहीं उठाया गया।
तलाऊ ने कहा कि मिजोरम ट्रिपर्स एसोसिएशन, कोलासिब जिला ट्रिपर्स एसोसिएशन, कोलासिब और कावनपुई शहरों के ट्रक मालिकों एवं चालकों ने भी इस हड़ताल का समर्थन किया है।
मिजोरम लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने एक बयान में कहा कि सैरांग और वैरेंगटे के बीच एनएच-306/06 की मरम्मत का काम 20 जनवरी से युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है।
हालांकि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) ने सैरांग और वैरेंगटे के बीच एनएच को राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) को सौंपने की अधिसूचना पहले ही दे दी है, लेकिन इस राजमार्ग पर दो सेक्टर- बिलखावथलिर से कोलासिब और कानपुई से खामरांग अब भी राज्य पीडब्ल्यूडी के अधीन हैं।
विभाग ने कहा कि बिलखावथलिर से कोलासिब और कांवपुई से खमरंग सेक्टरों पर परियोजनाएं पूरी कर ली गई हैं, जिन्हें पिछले वर्ष एनएचआईडीसीएल को सौंप दिया जाना था, लेकिन इसमें देरी हुई, क्योंकि कांवपुई-खमरंग सेक्टर के लिए रखरखाव कार्य ठेकेदार द्वारा निष्पादित नहीं किया जा सका और उसका अनुबंध समाप्त कर दिया गया है।
राज्य नागरिक आपूर्ति विभाग निदेशक सैज़िकपुई ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि उनके पास जनवरी के लिए चावल का पर्याप्त भंडार है और जनवरी के लिए राशन कोटा वितरित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि फरवरी और बरसात में भंडारण के लिए खाद्यान्न उठाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सड़क की मरम्मत का कार्य जारी होने से ट्रक चालक जल्द ही अपना आंदोलन समाप्त करेंगे और जल्द ही चावल के ट्रकों का परिचालन फिर से जारी होगा।
अधिकारी ने यह भी कहा कि हड़ताल के कारण तेल और एलपीजी गैस की आपूर्ति प्रभावित नहीं हुई है।
भाषा यासिर