उप्र: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संगम में संतों के मंत्रोच्चार के बीच आस्था की डुबकी लगाई
संतोष संतोष
- 27 Jan 2025, 06:36 PM
- Updated: 06:36 PM
(किशोर द्विवेदी)
महाकुंभ नगर (उप्र), 27 जनवरी (भाषा) केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार को प्रयागराज महाकुंभ में पहुंचकर त्रिवेणी संगम में संतों के मंत्रोच्चार के बीच आस्था की डुबकी लगाई और कहा कि महाकुंभ सनातन संस्कृति की अविरल धारा का अद्वितीय प्रतीक है। उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी थे।
शाह ने कहा कि महाकुंभ समरसता पर आधारित हमारे सनातन जीवन-दर्शन को दर्शाता है।
केंद्रीय गृह मंत्री शाह सोमवार को महाकुंभ के पवित्र स्नान के लिए त्रिवेणी संगम पहुंचे। शाह की पत्नी सोनल शाह, बेटे जय शाह और उनकी पत्नी ऋषिता तथा उनके बच्चों ने महाकुंभ में अनुष्ठान किए।
शाह ने दोपहर करीब एक बजे डुबकी लगाई, 'जल आचमन' किया, सूर्य को जल अर्पित किया और कुछ शीर्ष संतों के मार्गदर्शन में अन्य अनुष्ठान किए।
संत समाज ने उन्हें वैदिक विधि से स्नान करवाया और मां गंगा का पावन जल गृह मंत्री पर छिड़ककर पूजा-अर्चना कराई।
संगम स्नान के बाद में शाह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘पवित्र त्रिवेणी संगम पर सामाजिक समरसता और सद्भाव के प्रतीक ‘महाकुंभ’ में पूज्य संतजनों के सान्निध्य में स्नान कर अभिभूत और भावविभोर हूं।’’ उन्होंने कहा, मां गंगा, मां यमुना और मां सरस्वती से सभी के कल्याण की कामना करता हूं।’’
शाह ने एक अलग पोस्ट में कहा, ‘‘महाकुंभ देशवासियों में एकता और सनातन परंपराओं के प्रति गौरव के भाव को भी बढ़ा रहा है। संगम तट पर परिवार के साथ पूजा-अर्चना कर देशवासियों की समृद्धि और उन्नति की प्रार्थना की।’’
एक बयान के अनुसार, संगम स्नान के दौरान बाबा रामदेव और सतुआ बाबा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अलग से डुबकी लगवाई। संगम स्नान के बाद स्वामी रामदेव ने मुख्यमंत्री योगी का हाथ पकड़कर विशेष योग आसन ताड़ासन भी कराया।
स्नान के बाद गृह मंत्री और मुख्यमंत्री ने संगम पर ही विशेष पूजा अर्चना की और संगम आरती में भी हिस्सा लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गृह मंत्री को कुम्भ कलश भी भेंट में दिया, जबकि साधु संतों ने उन्हें माला पहनाई और चंदन तथा टीका लगाया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी वीआईपी घाट पर डुबकी लगाई। पहले वह शाह के साथ थे, लेकिन जब वरिष्ठ भाजपा नेता डुबकी लगा रहे थे तो आदित्यनाथ समूह के पीछे चले गए।
जूना पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर आचार्य अवधेशानंद गिरि ने आदित्यनाथ से अनुष्ठान में शामिल होने के लिए कहा और मुख्यमंत्री फिर से आगे आए। इस दौरान निरंजनी पीठाधीश्वर कैलाशानंद और अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी समेत कई प्रमुख संत मौजूद थे।
अमित शाह के बेटे जय शाह ने संगम पर 'आरती' सहित कई अनुष्ठानों में भाग लिया। शीर्ष संतों ने जय शाह और ऋषिता के हाल ही में जन्मे बच्चे को भी आशीर्वाद दिया। उनकी बड़ी बेटी आरती के दौरान उनके साथ थी।
इस अवसर पर मौजूद संतों में योग गुरु रामदेव भी शामिल थे। बाद में शाह परिवार ने अक्षयवट का दौरा किया और आदित्यनाथ के साथ प्रार्थना की। अक्षयवट एक प्राचीन वृक्ष है जिसका हिंदुओं में पौराणिक महत्व है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी गत दिसंबर में महाकुंभ से पहले अपनी यात्रा के दौरान अक्षयवट की पूजा की थी। अक्षयवट के दर्शन के दौरान मुख्य पुजारी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कराई।
शाह ने अक्षयवट की आरती उतारी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ पुष्प अर्पित किए।
इससे पहले प्रयागराज पहुंचने पर शाह का हवाई अड्डे पर स्वागत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने किया।
भाजपा की राज्य इकाई के प्रमुख भूपेंद्र चौधरी सहित पार्टी के अन्य नेता भी हवाई अड्डे पर मौजूद थे। दोपहर करीब 12 बजे शाह गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती के संगम पर अरैल स्थित वीआईपी घाट पहुंचे।
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के साथ शाह ने जूना पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर आचार्य अवधेशानंद गिरि जी महाराज और कुछ अन्य शीर्ष संतों के साथ एक घाट पर बातचीत की।
क्रूज पर बने विशेष कक्ष में गृह मंत्री अमित शाह और योगी ने जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद, अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक महंत हरि गिरी और अध्यक्ष महंत प्रेम गिरी के साथ महाकुंभ पर विशेष मंत्रणा की।
शाह के दौरे के दौरान मेला क्षेत्र और प्रयागराज में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। मेला क्षेत्र को पूरी तरह से वाहन निषेध क्षेत्र घोषित किया गया था, वहीं प्रयागराज शहर में कई स्थानों पर मार्ग परिवर्तन किया गया था, जिससे स्थानीय लोगों और तीर्थयात्रियों पर असर पड़ा।
इससे पहले केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने धर्म नगरी प्रयागराज में एकता और अखंडता के इस महापर्व में संगम स्नान करने और संत जनों का आशीर्वाद लेने के प्रति उत्सुकता प्रकट की।
शाह ने सोशल मीडिया मंच “एक्स” पर एक पोस्ट में कहा “‘महाकुंभ’ सनातन संस्कृति की अविरल धारा का अद्वितीय प्रतीक है। महाकुंभ समरसता पर आधारित हमारे सनातन जीवन-दर्शन को दर्शाता है।’’
उन्होंने आगे कहा, “आज धर्म नगरी प्रयागराज में एकता और अखंडता के इस महापर्व पर संगम स्नान करने और संत जनों का आशीर्वाद लेने के लिए उत्सुक हूं।”
राज्य सरकार के अनुसार, सोमवार को शाम चार बजे तक 93.1 लाख से अधिक लोगों ने महाकुंभ में पवित्र स्नान किया। मेला क्षेत्र में 10 लाख से अधिक कल्पवासी आए हैं। महाकुंभ 13 जनवरी से शुरू हुआ है और यह 26 फरवरी तक जारी रहेगा।
भाषा किशोर आनन्द
संतोष