भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में मध्य प्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा: अमित शाह
रवि कांत अजय
- 25 Feb 2025, 08:14 PM
- Updated: 08:14 PM
भोपाल, 25 फरवरी (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा आयोजित वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन (जीआईएस) वर्ष 2027 तक भारत को तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने के सपने को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
शाह यहां दो दिन के निवेशक शिखर सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। निवेशक सम्मेलन में 30.77 लाख करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
शाह ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने युवाओं और 130 करोड़ लोगों के सामने देश को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने और 2027 तक भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है। मेरा मानना है कि दो दिवसीय शिखर सम्मेलन इस मिशन को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।’’
उन्होंने कहा कि उद्योगपतियों के लिए निवेश और अपने कारोबार का विस्तार करने के लिए पहली आवश्यकता एक स्थिर और शक्तिशाली सरकार होता है। मध्यप्रदेश में ऐसी ही सरकार है।
गृह मंत्री ने कहा, ‘‘मध्यप्रदेश में एक मजबूत बुनियादी ढांचा, उत्कृष्ट पारिस्थितिकी तंत्र, भूमि, जनशक्ति, कुशल कार्यबल और अन्य जरूरी चीजें हैं।’’
शाह ने आगे कहा कि शिखर सम्मेलन ने स्थानीय और वैश्विक निवेश आयाम हासिल किए। उन्होंने कहा कि इसमें 50 देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश उद्योगपतियों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बन गया है, इसमें अन्य चीजों के अलावा पांच लाख किलोमीटर का सड़क नेटवर्क और छह हवाई अड्डे हैं। उन्होंने कहा कि यह देश की ‘कपास राजधानी’ भी है।
शाह ने कहा, ‘‘कारोबार सुगमता विधेयक पारित करने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ पिछले दस वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया में दसवें से पांचवें स्थान पर पहुंच गई है और विदेशी मुद्रा भंडार, सकल घरेलू उत्पाद और प्रति व्यक्ति आय दोगुनी हो गई है।’’
उन्होंने निवेशकों को केंद्र और राज्य की ओर से हरसंभव मदद का आश्वासन देते हुए कहा, ‘‘बड़े विश्वास के साथ, मैं मध्यप्रदेश और भारत के लोगों को बताना चाहता हूं कि हमने एक शक्तिशाली नींव रखी है। अगले दस वर्षों में इस नींव पर कई रिकॉर्ड बनाए जाएंगे।’’
शाह ने कहा कि एक समय मध्यप्रदेश को ‘बीमारू’ राज्य कहा जाता था, जो बिजली की कमी और खराब सड़क और सिंचाई के बुनियादी ढांचे का सामना करता था, लेकिन अब यह विकास गतिविधियों से गुलजार है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने भाषण में कहा कि निवेशक सम्मेलन के दौरान और आयोजन से पहले विभिन्न क्षेत्रों में समझौता ज्ञापनों (एमओयू) के माध्यम से 33.77 लाख करोड़ रुपये के निवेश सुरक्षित किए गए।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने उद्योग स्थापित करने के प्रस्तावों को तेजी से मंजूरी देने के लिए एकल खिड़की प्रणाली शुरू की है और 2025 को ‘उद्योग और रोजगार’ के वर्ष के रूप में मनाने का फैसला किया है।
इस शिखर सम्मेलन का उद्घाटन सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया।
भाषा दिमो
रवि कांत